शेयर बाजार में छह दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 26,000 के नीचे
छह दिनों की लगातार बढ़त के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में गिरावट का दौर देखा गया। वैश्विक बाजारों में नरमी और आईटी, धातु, तथा पूंजीगत वस्तुओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मुनाफावसूली के चलते बीएसई सेंसेक्स करीब 278 अंक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 26,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट:
- तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 277.93 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 84,673.02 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान, सेंसेक्स ने 392.59 अंक तक की गिरावट देखी।
- पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 103.40 अंक (0.40%) की नरमी के साथ 25,910.05 अंक पर बंद हुआ।
प्रमुख गिरावट वाले और बढ़त वाले शेयर:
सेंसेक्स में शामिल प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, इटर्नल, अदाणी पोर्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल थे। वहीं, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और टाइटन जैसे शेयर लाभ में रहे।
बाजार विशेषज्ञों की राय:
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, “वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच हाल की तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली के कारण घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा प्रमुख ब्याज दर घटाए जाने की संभावना कम होने से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है। डॉलर में मजबूती के बीच आईटी, धातु और रियल्टी शेयरों में गिरावट देखी गई।”
छोटी और मझोली कंपनियों पर भी असर:
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.85% टूटा, जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 0.70% के नुकसान में रहा।
शेयरों का मिलाजुला रुख:
बीएसई में सूचीबद्ध 2,740 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,463 शेयर लाभ में रहे। 138 शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव:
एशियाई बाजारों जैसे दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग में भी गिरावट देखी गई। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में नरमी थी, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को नुकसान में बंद हुए थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, “प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बढ़े हुए मूल्यांकन को लेकर चिंताओं के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली से घरेलू बाजार में भी व्यापक मुनाफावसूली हुई। हालांकि, भारतीय बाजार अपने नुकसान को सीमित रखने में कामयाब रहे। जापान के निक्की सूचकांक और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।”
उन्होंने आगे कहा, “अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन निचले स्तरों पर घरेलू संस्थागत निवेशकों के मजबूत लिवाली समर्थन को दर्शाता है। इससे गिरावट को कम करने में मदद मिली।”
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां:
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 442.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी पिछले कारोबार सत्र में 1,465.86 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
कच्चे तेल की चाल:
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.40% की गिरावट के साथ 63.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
पिछले दिन की बढ़त:
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, सोमवार को सेंसेक्स लगातार छठे दिन 388.17 अंक चढ़कर 84,950.95 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 103.40 अंक बढ़कर 26,013.45 अंक पर रहा था।
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