भारतीय शेयर बाज़ार में बुधवार को गिरावट: विदेशी पूंजी की निकासी ने बढ़ाई चिंता
बुधवार को भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा बड़े पैमाने पर पूंजी की निकासी और मुनाफावसूली रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 165.35 अंक गिरकर 84,972.92 पर आ गया, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 77.85 अंक टूटकर 25,954.35 पर पहुँच गया। यह लगातार चौथा सत्र था जब घरेलू बाज़ारों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
सेंसेक्स में शामिल कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर, जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एनटीपीसी और भारतीय स्टेट बैंक, को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक जैसे आईटी और बैंकिंग शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली।
वैश्विक बाज़ारों का हाल
एशियाई बाज़ारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की 225 सकारात्मक रहे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहा। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए थे। अंतर्राष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 62.43 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।
एफआईआई की बिकवाली और डीआईआई की खरीदारी
शेयर बाज़ार के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुद्ध रूप से 3,642.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,645.94 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाज़ार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।
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