60 करोड़ की धोखाधड़ी का जाल: राज कुंद्रा की कंपनी का पूर्व कर्मचारी तलब, फोरेंसिक ऑडिट का आदेश
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा की कंपनी, बेस्ट डील प्राइवेट लिमिटेड, एक बड़े आर्थिक जाल में फंस गई है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी को तलब किया है और 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों की गहन जांच का आदेश दिया है।
वित्तीय लेनदेन पर कसता शिकंजा
EOW, जो धोखाधड़ी के मामले की तह तक पहुंचने के लिए प्रयासरत है, ने बेस्ट डील प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की जांच को अपनी प्राथमिकता बनाया है। अगले हफ्ते एक प्रतिष्ठित फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति की जाएगी, जो कंपनी के सभी वित्तीय रिकॉर्डों की बारीकी से जांच करेगा। यह ऑडिटर यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि 60 करोड़ रुपये की राशि का गबन कैसे किया गया और क्या इसे शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा से जुड़ी अन्य कंपनियों, जैसे सतयुग गोल्ड, वियान इंडस्ट्रीज, एसेंशियल बल्क कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड और स्टेटमेंट मीडिया को भुगतान के रूप में इस्तेमाल किया गया।
कथित हेराफेरी और मनगढ़ंत खर्चे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, EOW को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं जो इशारा करते हैं कि 2015 में एक एनबीएफसी द्वारा दर्ज 60 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले में धन की हेराफेरी हुई थी। प्रारंभिक जांच और दर्ज बयानों से पता चलता है कि व्यवसायी दीपक कोठारी की एनबीएफसी से ली गई धनराशि को बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से डायवर्ट और गबन किया गया था। अधिकारियों को संदेह है कि यह राशि व्यावसायिक व्यय के रूप में दिखाई गई थी, जिसमें संभवतः अंतर्राष्ट्रीय यात्रा, प्रसारण, भंडारण और कार्यालय लागत शामिल थी, जो शायद मनगढ़ंत हो।
विक्रेताओं को भुगतान का अभाव और पूर्व कर्मचारियों के बयान
EOW के सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि बेस्ट डील टीवी द्वारा नियोजित एक कूरियर कंपनी और एक मीडिया समाधान फर्म सहित कई विक्रेताओं को, शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा द्वारा किए गए दावों के बावजूद, कभी भुगतान नहीं किया गया। एजेंसी जल्द ही इन फर्मों के पूर्व कर्मचारियों को उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाएगी।
राज कुंद्रा का बयान और विसंगतियां
इससे पहले, राज कुंद्रा से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि 60 करोड़ रुपये शुरू में ऋण के रूप में लिए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें इक्विटी में बदल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि 20 करोड़ रुपये प्रसारण शुल्क, सेलिब्रिटी विज्ञापनों और अन्य प्रचार खर्चों पर खर्च किए गए। कुंद्रा ने ब्रांड प्रचार के लिए भुगतान किए गए लोगों में अभिनेत्रियों बिपाशा बसु और नेहा धूपिया का नाम लिया और सबूत के तौर पर तस्वीरें भी उपलब्ध कराईं।
हालांकि, EOW को धन प्रवाह में विसंगतियां मिली हैं। बहुसंख्यक शेयरधारक होने के बावजूद, शिल्पा शेट्टी ने कथित तौर पर बेस्ट डील टीवी के विज्ञापन के लिए 15 करोड़ रुपये की सेलिब्रिटी फीस ली, जिसे कंपनी के खर्च के रूप में दिखाया गया। शेट्टी ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें उनसे जुड़ी एक विज्ञापन एजेंसी के ज़रिए एक मॉडल के तौर पर भुगतान किया गया था।
नोटबंदी का असर और पोर्नोग्राफी केस की छाया
कुंद्रा ने दावा किया कि नोटबंदी के कारण उनके व्यवसाय को भारी नुकसान हुआ क्योंकि यह मुख्य रूप से कैश-ऑन-डिलीवरी मॉडल पर चलता था, जिसके कारण अंततः उन्हें बंद करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि पोर्नोग्राफी मामले की जांच के दौरान साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने पहले भी अन्य हस्तियों से जुड़ी प्रचार सामग्री और वीडियो जब्त किए थे, जिसकी पुष्टि अब आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
यह मामला अभी भी जांच के अधीन है और EOW जरूरत पड़ने पर राज कुंद्रा को आगे की पूछताछ के लिए वापस बुला सकती है। सभी पूर्व कर्मचारियों और शेयरधारकों के बयान दर्ज करने के बाद, इस धोखाधड़ी के जाल की पूरी परतें खुलने की उम्मीद है।
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