रियल लाइफ ‘जिगरा’: भाई को यूएई की कैद से छुड़ाने के लिए अभिनेत्री सेलिना जेटली की आर-पार की जंग
बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली की असल जिंदगी इन दिनों किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उनकी कहानी वर्ष 2024 की फिल्म “जिगरा” की याद दिलाती है, जहाँ आलिया भट्ट अपने भाई को बचाने के लिए सरहदें पार कर जाती हैं। ठीक उसी तरह, सेलिना पिछले 17 महीनों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में बंद अपने भाई, मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत कुमार जेटली की रिहाई के लिए कानूनी और कूटनीतिक मोर्चे पर संघर्ष कर रही हैं। जेटली के भाई मेजर (सेवानिवृत्त) विक्रांत कुमार जेटली, जो सेना के पूर्व अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के सदस्य रह चुके हैं, पिछले 17 महीनों से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कथित तौर पर हिरासत में हैं।
अभिनेत्री के अनुसार, उनके भाई को सितंबर 2024 में एक मॉल से हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद करीब नौ महीने तक उनके ठिकाने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई और न ही उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। जेटली ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, ‘‘मुझे 29 सितंबर के आसपास रात करीब नौ बजे एक कॉल आया। उस समय मैं ऑस्ट्रिया में रह रही थी। शुरुआत में मुझे लगा कि मेरा भाई मजाक कर रहा है। करीब एक घंटे तक मैं इसे उसकी कोई बेवकूफी भरी शरारत समझती रही।’’
उन्होंने बताया कि यह खबर ऐसे समय में आई, जब वह खुद निजी जिंदगी में गंभीर संकट से गुजर रही थीं। जेटली ने कहा कि वह ऑस्ट्रिया में थीं और वहां उनका पति उनके साथ दुर्व्यवहार करता था और वह अपने बच्चों के लिए उस रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पति मुझे प्रताड़ित करता था लेकिन जब आपके बच्चे होते हैं, तो आप उनके लिए सब कुछ सहते हैं। जब आपके पास माता-पिता नहीं होते और आपकी संपत्ति भी नहीं रहती, तो आप बच्चों के लिए शादी बचाने की पूरी कोशिश करते हैं।’’
जेटली ने बताया कि शादी के बाद उन्होंने 15 वर्षों तक अपने फिल्मी करियर से दूरी बना ली थी और अपनी वित्तीय जिम्मेदारियां अपने जीवनसाथी पर छोड़ दी थीं, लेकिन बाद में वह अपनी संपत्तियों और अपने तीन बेटों तक की पहुंच खो बैठीं। ‘फेमिना मिस इंडिया 2001’ खिताब जीतने वालीं और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल कर चुकीं सेलीना जेटली ने ‘नो एंट्री’, ‘अपना सपना मनी मनी’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’, ‘जिंदा’ और ‘थैंक यू’ जैसी फिल्मों में काम किया है।
अभिनेत्री ने कहा कि भाई की हिरासत की खबर ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया, लेकिन उसके लिए खड़े होने का मतलब पहले खुद को उस हालात से बाहर निकालना था, जिसमें वह फंसी हुई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह फैसला अपनी लड़ाई के बीच लिया। मुझे पता था कि अगर मैं ऑस्ट्रिया नहीं छोड़ती, तो अपने भाई के लिए आवाज नहीं उठा पाऊंगी। रात एक बजे, लगभग बिना पैसों के, क्रेडिट कार्ड से टिकट खरीदा और भारत आ गई।’’ भाई की हिरासत को लेकर जब कूटनीतिक स्तर पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, तो जेटली ने दिल्ली उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।
उन्होंने बताया कि याचिका के बाद ही अधिकारियों ने अभियोजन संख्या जारी की और उनके भाई के स्थान के बारे में पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सिर्फ एक अभियोजन संख्या है, वह भी मुझे माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद मिली। मुझे केवल ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ जैसा एक अस्पष्ट कारण बताया गया।’’ जेटली के अनुसार, सेना से सेवानिवृत्ति के बाद विक्रांत अपनी पत्नी की कंपनी से जुड़े थे, जो आईटी, साइबर सुरक्षा और मानव संसाधन सेवाओं से संबंधित कार्य करती थी।
उन्होंने बताया कि यह पुष्टि हुई है कि विक्रांत को अबू धाबी के अल वथबा हिरासत केंद्र में रखा गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में यूएई स्थित कानूनी सेवा देने वाली एक कंपनी को उनके भाई का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी है, जिसे जेटली ने एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। खुद को ‘‘सशस्त्र बलों की चौथी पीढ़ी की बेटी’’ बताते हुए जेटली ने कहा कि उन्होंने यह मामला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत देश के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष उठाया है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भाई भारतीय सैनिक है। उसे इस तरह से हिरासत में नहीं छोड़ा जा सकता।’’
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