‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ का सिनेमाई रंग: दर्शकों की ज़ुबानी, फिल्म का असली मज़ा
बॉलीवुड की दुनिया में एक नई कहानी दस्तक दे चुकी है – निर्देशक शशांक खेतान की ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’। यह रंगीन रोमांटिक कॉमेडी, जिसमें वरुण धवन, जान्हवी कपूर, सान्या मल्होत्रा, रोहित सराफ, मनीष पॉल और अक्षय ओबेरॉय जैसे चहेते कलाकार अपनी अदाकारी का जादू बिखेर रहे हैं, अब सिनेमाघरों में दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार है। फिल्म के साथ-साथ, दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं, जो इस सफर को और भी दिलचस्प बना रही हैं।
उत्कृष्टता पर ‘4 स्टार’ की मोहर:
एक दर्शक ने तो फिल्म को ‘काफी दिलचस्प’ करार दिया और कहा, "इसका क्लाइमैक्स तो ऐसा है, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते!" रोहित सराफ की अदाकारी की भी खूब तारीफ हुई, वहीं वरुण धवन की ‘कमाल की कॉमेडी टाइमिंग’ ने दर्शकों को खूब हंसाया। क्राइम और ड्रामा की दुनिया से हटकर, एक विशुद्ध कॉमेडी फिल्म का अनुभव, ‘पनवाड़ी’ जैसे गानों की धुन पर थिरकने का मौका, इन सबको मिलाकर फिल्म को मिले हैं पूरे 5 में से 4 स्टार।
संगीत का जादू और ‘4.5 स्टार’ का आनंद:
वहीं, एक और दर्शक के लिए यह फिल्म ‘बहुत अच्छी एंटरटेनिंग मूवी’ साबित हुई, जिसमें ‘इमोशनल बैलेंस’ भी बखूबी देखने को मिला। खासकर, फिल्म के गानों ने दर्शकों को खूब लुभाया। "इसके गाने बहुत अच्छे हैं," कहते हुए, उन्होंने ‘पनवाड़ी’ और ‘बिजुरिया’ जैसे गानों को ‘ट्रेंडिंग’ बताया। वरुण और रोहित की जुगलबंदी और फिल्म की ‘अलग स्टोरी लाइन’ ने उन्हें काफी ‘आनंद’ दिया। कुल मिलाकर, इस दर्शक के लिए यह फिल्म 4.5 स्टार की हक़दार है।
‘4 स्टार’ का सीधा और सच्चा फ़ैसला:
एक महिला दर्शक ने भी फिल्म की सीधी-सीधी तारीफ़ की, "यह फिल्म बहुत अच्छी थी और इसके गाने मुझे पसंद आए।" उनके लिए यह एक ‘4 स्टार’ वाला अनुभव रहा।
‘बेकार’ और ‘धोखे’ का एक कड़वा सच:
हालांकि, हर कहानी में एक अलग रंग होता है, और इस फिल्म के लिए एक दर्शक का अनुभव बिल्कुल विपरीत रहा। उन्होंने फिल्म को ‘बहुत ही बेकार’ बताते हुए कहा, "मैंने अपनी जिंदगी के 2-3 घंटे बर्बाद कर दिए।" ‘एंटरटेनमेंट के नाम पर कुछ भी बनाने’ का आरोप लगाते हुए, उन्होंने ‘मॉर्डन लव स्टोरी’ के नाम पर ‘धोखे’ की बात कही। किसी भी कलाकार की एक्टिंग उन्हें पसंद नहीं आई और गानों को भी फिल्म से ‘बेतालुक’ बताया। स्टार देने से इनकार करते हुए, उन्होंने ‘नेपोटिज्म’ जैसे मुद्दों पर भी इशारों-इशारों में अपनी बात रखी।
‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ पर दर्शकों की राय बंटी हुई है, लेकिन एक बात साफ है – यह फिल्म चर्चा का विषय जरूर बन गई है!
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