सलमान खान की महात्वाकांक्षी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीज़र ने सरहद पार खलबली मचा दी है। चीन ने इस फिल्म को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसके दृश्यों को ‘हकीकत से कोसों दूर’ बताया है। यहाँ तक कि चीनी नेटिज़न्स फिल्म के कुछ सीन्स की तुलना मशहूर हॉलीवुड सीरीज ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ से कर रहे हैं। चीन के सरकारी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भी इस पर एक कड़ा लेख प्रकाशित किया है, जिसका शीर्षक है— ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म विवाद: फिल्म चाहे कितनी भी ड्रामैटिक हो, यह देश की सीमा की स्थिति पर असर नहीं डाल सकती।
अखबार ने चीनी विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया है कि एक ऐसे समय में जब भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशें हो रही हैं, इस फिल्म का आना गलत संकेत देता है। उनके अनुसार, यह फिल्म केवल एकतरफा भारतीय दृष्टिकोण पेश करती है और चीन विरोधी भावनाओं को भड़काने का काम कर सकती है।
विवादों के घेरे में ‘बैटल ऑफ गलवान’: तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप
चीनी मीडिया का कहना है कि कोई भी ‘ओवर-द-टॉप’ सिनेमाई ड्रामा किसी देश के संप्रभु क्षेत्र के सच को बदल नहीं सकता। लेख में दावा किया गया कि जून 2020 की घटनाओं को फिल्म में जिस तरह दिखाया गया है, वे “तथ्यों से मेल नहीं खातीं।”
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में गलवान झड़प के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के कर्नल बिक्कुमाला संतोष बाबू की बहादुरी और बलिदान को अपमानजनक तरीके से “तथाकथित महत्वपूर्ण भूमिका” कहकर खारिज करने की कोशिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सोशल मीडिया यूजर्स को फिल्म का टीज़र रास नहीं आया और उन्होंने इसे “अतिशयोक्ति से भरी” फिल्म करार दिया है।
झड़प की पूरी ज़िम्मेदारी भारत पर थोपने की कोशिश
ग्लोबल टाइम्स के इस लेख ने 15 जून, 2020 की हिंसक झड़प का सारा ठीकरा भारत पर ही फोड़ दिया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) का उल्लंघन किया और गलवान घाटी में जानबूझकर उकसावे वाली कार्रवाई की। चीन का दावा है कि भारतीय सेना की गतिविधियों ने सीमाई क्षेत्रों की स्थिरता को खतरे में डाला था।
जहाँ भारत ने आधिकारिक तौर पर इस भीषण संघर्ष में अपने 20 जांबाज सैनिकों को खोने की बात कही, वहीं चीनी प्रकाशन ने तत्कालीन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल रेन गुओकियांग के हवाले से कहा कि “भारत ने हताहतों के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर चीनी सेना की छवि बिगाड़ने की कोशिश की।”
गौरतलब है कि चीन ने लंबे समय तक अपने नुकसान को छुपाए रखा था, लेकिन बाद में झड़प में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की थी। चीनी लेख में भारत पर सिनेमा का इस्तेमाल “राष्ट्रवादी भावनाएं भड़काने” के लिए करने का आरोप लगाते हुए इसे भारत की “गहरी सांस्कृतिक और राजनीतिक परंपरा” का हिस्सा बताया गया है। बीजिंग ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि पहले भारत ने सीमा पार की थी और पीएलए (PLA) ने केवल अपने क्षेत्र की रक्षा की।
फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को चीन विरोधी भावनाएं फैलाने का जरिया बताते हुए, रिपोर्ट में इसे तनाव बढ़ाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा करार दिया गया है। अपूर्व लाखिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म अप्रैल 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जिसमें सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी।
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