खुशखबरी! मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को मिला प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, ‘कंप्लीट एक्टर’ के रूप में सम्मानित
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के महानायक, मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल, जिन्हें प्यार से ‘कंप्लीट एक्टर’ भी कहा जाता है, को इस वर्ष प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण घोषणा के साथ सिनेमा जगत में खुशी की लहर दौड़ा दी। चार दशकों से भी अधिक समय से अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत रहे मोहनलाल के लिए यह सम्मान किसी सपने के सच होने जैसा है। खबरों के अनुसार, पुरस्कार की खबर सुनते ही मोहनलाल भावुक हो उठे।
“यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरी मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का सम्मान है”: मोहनलाल
यह क्षण मेरे लिए अत्यंत गौरव का है। मैं अपने दर्शकों और उन सभी महान निर्देशकों व लेखकों का हृदय से आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरी मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का है, यह मेरी भावनाएं हैं। मोहनलाल की शानदार फिल्मोग्राफी में ‘कलापानी’, ‘भरथम’, ‘वनप्रस्थम’, ‘इरुप्पथम नूट्टांडी’ और ‘लूसिफर’ जैसी कालजयी कृतियाँ शामिल हैं।
350 से अधिक फिल्मों का सफर, हिंदी सहित कई भाषाओं में छाया जलवा
मलयालम सिनेमा के अलावा, मोहनलाल ने तमिल, तेलुगु, हिंदी और कन्नड़ फिल्मों में भी अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है। 1980 के दशक में ‘मंजिल विरिंजा पूक्कल’ से अपने अभिनय की शुरुआत करने वाले मोहनलाल ने अब तक 350 से अधिक फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी है। इस घोषणा ने जहाँ मोहनलाल को भावुक कर दिया है, वहीं उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर लगातार बधाइयों का तांता लगाए हुए हैं।
‘लालेट्टन’ के नाम से मशहूर, अभिनय की गहराई और सहजता के धनी
अभिनय में उनकी अनूठी गहराई और सहजता के कारण, दर्शक और आलोचक दोनों उन्हें स्नेह से ‘लालेट्टन’ पुकारते हैं। मोहनलाल को पहले भी 5 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, साथ ही वे पद्म भूषण और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित अलंकरणों से भी विभूषित हैं। सिनेमा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए ही उन्हें ‘द कंप्लीट एक्टर’ की उपाधि से जाना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी हार्दिक बधाई, ‘X’ पर किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर मोहनलाल को बधाई देते हुए लिखा, “दशकों तक फैले अपने समृद्ध फिल्मी और नाट्य सफर से मोहनलाल ने न केवल मलयालम सिनेमा, बल्कि थिएटर को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। वे केरल की संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक हैं और तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में भी अपने अद्भुत अभिनय से अमिट छाप छोड़ चुके हैं। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई।”
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में भारतीय संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा की गई थी। पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह 10 अक्टूबर 1954 को आयोजित हुआ था, जिसमें मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला था।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत 1969 में हुई थी। यह पुरस्कार हिंदी सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के के सम्मान में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में जोड़ा गया था। देविका रानी 1969 में यह पुरस्कार जीतने वाली पहली फिल्मी हस्ती थीं। अब तक लगभग 54 हस्तियों को यह सम्मान मिल चुका है, जिसे फिल्म जगत का सबसे गौरवपूर्ण पुरस्कार माना जाता है। 2024 में यह पुरस्कार दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को प्रदान किया गया था।
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