हंसल मेहता ने ‘टास्क’ को सराहा: रिश्तों की उलझी डोरियों और खामोश आहों की मार्मिक दास्तान
बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक हंसल मेहता, जो अक्सर अपनी बेबाक राय से सुर्खियों में रहते हैं, ने हाल ही में मिनी सीरीज ‘टास्क’ देखकर अपनी गहरी छाप व्यक्त की है। मंगलवार को उन्होंने इस सीरीज की जमकर सराहना करते हुए इसके कई अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।
मेहता ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर ‘टास्क’ का पोस्टर साझा करते हुए स्पष्ट किया कि यह सीरीज किसी पारंपरिक थ्रिलर या क्राइम ड्रामा से कोसों दूर है। उन्होंने लिखा, “यह न तो कोई मर्डर मिस्ट्री है, न ही ड्रग्स के जाल की कहानी, और न ही किसी गहन जांच-पड़ताल का ड्रामा। बल्कि, ‘टास्क’ तो इंसानी जिंदगियों की एक जटिल बुनावट है, उनके बिखरने, संवरने और उन अनकही, खामोश परेशानियों की कहानी है जो हम सब अक्सर अपने भीतर समेटे जीते हैं।”
सीरीज के शुरुआती दौर में किरदारों की बहुतायत और थोड़ी उलझी हुई कहानी को लेकर मेहता ने अपनी प्रारम्भिक हिचकिचाहट भी जाहिर की। उन्होंने बताया, “शुरू में, कहानी की जटिलता और ढेर सारे किरदारों को देखकर लगा कि इसे हर हफ्ते देखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन जैसे-जैसे मैं सीरीज में आगे बढ़ा, मुझे इस सीरीज की असली जान, इसके किरदार, नजर आने लगे। ये किरदार दर्शकों के दिलों में ऐसे उतर जाते हैं कि कहानी में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव न होने के बावजूद आप उनसे जुड़ाव महसूस करने लगते हैं।”
मेहता के अनुसार, ‘टास्क’ की सबसे बड़ी खूबी यही है कि दर्शक इसे सिर्फ कहानी का अंजाम जानने के लिए नहीं देखते, बल्कि उन किरदारों के सफर, उनकी भावनाओं और उनके संघर्षों से खुद को जोड़कर देखते हैं। यह सीरीज मानवीय रिश्तों की उन अनकही परतों को खोलती है, जिन्हें अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं।
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