‘शोले’ की अमर बाइक: धर्मेंद्र के निधन के बीच याद आई ‘जय-वीरू’ की दोस्ती की निशानी
बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र के आकस्मिक निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। इस दुखद घड़ी में, फिल्म ‘शोले’ की वो आइकॉनिक बाइक एक बार फिर चर्चा में है, जिसने धर्मेंद्र (वीरू) और अमिताभ बच्चन (जय) की अटूट दोस्ती को पर्दे पर जीवंत किया था। जी हां, वही बाइक जिस पर उन्होंने “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” जैसा अमर गीत फिल्माया था।
आज भी मौजूद है ये ऐतिहासिक बाइक, और इसके मालिक का नाम और इसके इतिहास का सफर किसी रोमांचक कहानी से कम नहीं।
बाइक का मालिक और उसका वर्तमान स्वरूप
‘शोले’ की यह शानदार मोटरसाइकिल, जिसे हाल ही में गोवा में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (IFFI) में कर्नाटक सरकार द्वारा विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया था, अब बेंगलुरु निवासी एक रिटायर्ड IAS अधिकारी, एल. के. अतीक की अमूल्य धरोहर है।
- मालिक: एल. के. अतीक, जो बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर रह चुके हैं।
- बाइक का इतिहास: यह बाइक 1942 में निर्मित हुई थी और अब 83 साल की हो चुकी है।
- वर्तमान स्थिति: अतीक के अनुसार, यह बाइक आज भी छोटी-मोटी सैर के लिए एकदम फिट है। इसे 2022 में खरीदा गया था और लगभग छह महीने पहले इसके इंजन की सर्विसिंग कराई गई थी। हालांकि, फिल्म में ‘जय’ (अमिताभ बच्चन) के लिए लगी साइडकार इसमें अभी भी गायब है।
‘बुलेट’ नहीं, यह है द्वितीय विश्व युद्ध की एक खास मिलिट्री मशीन
फिल्म के प्रशंसक अक्सर इस बाइक को रॉयल एनफील्ड ‘बुलेट’ समझ लेते हैं, लेकिन इसका असली इतिहास कहीं ज़्यादा दिलचस्प है।
- पहचान: यह बाइक वास्तव में बर्मिंघम स्मॉल आर्म्स (BSA) कंपनी द्वारा बनाई गई BSA WM20 मॉडल है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना के लिए तैयार किया गया था।
- रजिस्ट्रेशन नंबर: इस बाइक का मैसूर राज्य का रजिस्ट्रेशन नंबर MYB 3047 आज भी रामनगर में फिल्माए गए उस लगभग छह मिनट के गाने के सीक्वेंस में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
‘ये दोस्ती’ वाली मशहूर बाइक का वीडियो यहां देखें…
[यहाँ वीडियो का लिंक या एम्बेड होगा, जो फिल्म के दृश्य को दिखाता है।]
धर्मेंद्र जी से जुड़ा यह पल: खुशी भी, गम भी
IAS अधिकारी एल. के. अतीक के लिए यह पल मिश्रित भावनाओं से भरा था। एक ओर, उनकी इस ऐतिहासिक बाइक को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन की खबर ने एक युग के अंत का संकेत दिया।
खुद एक मोटरसाइकिल प्रेमी अतीक का मानना है कि धर्मेंद्र को कभी वह श्रेय नहीं मिला जिसके वे हकदार थे, क्योंकि वे पर्दे पर हर चीज़ को सहजता से पेश कर देते थे। इस बाइक का प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब ‘वीरू’ हमारे बीच नहीं रहे, जिससे यह मोटरसाइकिल सिर्फ एक फिल्म का प्रॉप न होकर, ‘जय’ और ‘वीरू’ की अमर दोस्ती का एक जीवंत प्रतीक बन गई है।
1975 की ‘शोले’ फिल्म का टिकट भी मिला साथ
एल. के. अतीक को यह ‘शोले’ बाइक बेंगलुरु के एक व्यवसायी, अंजन रेड्डी से मिली थी। इस यादगार खरीद के साथ, उन्हें एक और अनमोल तोहफा मिला: 1975 की ‘शोले’ फिल्म का एक फ्रेम किया हुआ टिकट, जो मुंबई के एक्सेलसियर थिएटर में दोपहर के शो का था। अतीक इसे इतिहास का एक ‘रोचक अंश’ मानते हैं और इसे बेचने का उनका कोई इरादा नहीं है।
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