बेजुबानों के ‘मसीहा’ बने सोनू सूद: भारत के ‘इंडी’ कुत्तों के हक में उठाई आवाज, दिया दिल छू लेने वाला संदेश
अपनी निस्वार्थ सेवा और मानवीय कार्यों के लिए करोड़ों दिलों पर राज करने वाले एक्टर सोनू सूद अब बेजुबानों के रक्षक बनकर सामने आए हैं। पशु कल्याण संस्था ‘जीव सभा’ के साथ हाथ मिलाते हुए सोनू सूद ने भारत में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और रेबीज जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एक बेहद संवेदनशील और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पेश किया है।
सोनू सूद ने आवारा जानवरों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए उनके अधिकारों की वकालत की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि ‘वैक्सीनेशन’ (टीकाकरण) और ‘स्टेरिलाइज़ेशन’ (नसबंदी) जैसे मानवीय उपाय हैं। उनका मानना है कि जिम्मेदार और दीर्घकालिक कदम उठाकर ही समाज में डर को खत्म किया जा सकता है।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी सक्रियता के लिए मशहूर सोनू सूद ने जीव सभा का समर्थन करते हुए जोर दिया कि कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक और दयालु समाधानों की सख्त जरूरत है। उन्होंने एक इमोशनल वीडियो मैसेज के जरिए लोगों से इस मुद्दे को सहानुभूति की नजर से देखने की अपील की।
सोनू ने कहा, “नमस्कार, मैं हूं सोनू सूद। जिस तरह मैं एक इंडियन हूं, वैसे ही यहाँ की गलियों में पैदा होने वाला और रहने वाला हर आवारा कुत्ता भी ‘इंडियन’ है, इसीलिए उन्हें ‘इंडी’ कहा जाता है। मेरी आप सभी से गुजारिश है कि जैसे हमने एकजुट होकर कोविड जैसी महामारी का सामना किया, वैसे ही सही टीकाकरण और नसबंदी के जरिए हम रेबीज और कुत्तों की बढ़ती आबादी पर काबू पा सकते हैं।”
सोनू सूद ने डर के बजाय विज्ञान और करुणा के महत्व को रेखांकित किया। उनका संदेश स्पष्ट है: यदि समाज में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी हो, तो इंसान और जानवर शांति के साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं। अपनी अपील के अंत में उन्होंने नागरिकों को समाधान का हिस्सा बनने की प्रेरणा देते हुए कहा, “आइए दयालुता चुनें, आइए समाधान चुनें। मैं जीव सभा का समर्थन करता हूं। अपना ख्याल रखें और भगवान आप सबका भला करे।”
पशु कल्याण के प्रति सोनू सूद का यह झुकाव उनके व्यक्तित्व का एक स्वाभाविक विस्तार है। कोविड-19 के संकट काल में प्रवासी मजदूरों के लिए ‘फरिश्ता’ बनने से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में मदद करने तक, सोनू सूद हमेशा देश की जरूरतों के लिए ढाल बनकर खड़े रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों का मुद्दा कानूनी गलियारों में भी चर्चा का विषय रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में जन सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की बात कही है, जिसमें नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रमों को सबसे प्रभावी हथियार माना गया है।
प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो, सोनू सूद हाल ही में एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘फतेह’ में नजर आए थे, जिससे उन्होंने बतौर निर्देशक भी अपनी नई पारी की शुरुआत की है। इस फिल्म में उनके साथ नसीरुद्दीन शाह, जैकलीन फर्नांडीज और विजय राज जैसे दिग्गज कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।
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