देशभर में LPG सिलेंडर की डिलीवरी को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं क्योंकि 26 अक्टूबर 2026 को गैस वितरकों का एक संगठन दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने जा रहा है। संगठन ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है। हालांकि अभी सिलेंडर की सप्लाई बंद होने की पक्की घोषणा नहीं हुई है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन इंडिया की ओर से नई दिल्ली के CBD ग्राउंड में धरना देने का ऐलान किया गया है। संगठन का कहना है कि गैस वितरकों को लंबे समय से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन उनकी समस्याओं का हल नहीं निकल रहा है।
इस पूरे मामले में दूसरा संगठन फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया यानी FLDI अलग रुख अपना रहा है। फेडरेशन ने प्रदर्शन और हड़ताल का समर्थन नहीं किया है। उसका कहना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकारी तेल कंपनियों से बातचीत चल रही है और समस्याओं का समाधान निकलने की उम्मीद है। फेडरेशन ने अपने सदस्यों से गैस सिलेंडर की सप्लाई और घरों तक डिलीवरी जारी रखने की अपील भी की है।
गैस वितरकों की सबसे बड़ी मांग कमीशन बढ़ाने को लेकर है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा के मुताबिक 2018 के बाद 2022 में कमीशन में कुछ बढ़ोतरी हुई थी लेकिन उसके बाद से इस मामले में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। वितरक प्रशासनिक खर्च और घर तक सिलेंडर पहुंचाने का भुगतान बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। संगठन ने डिलीवरी कमीशन 75 रुपये करने की मांग भी उठाई है।
इसके अलावा जिन इलाकों में पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस यानी PNG पहुंच रही है वहां LPG कनेक्शन और सप्लाई को लेकर लागू की जा रही व्यवस्था पर भी संगठन ने सवाल उठाए हैं। वितरकों का कहना है कि इससे उनके कारोबार और कमाई पर असर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों पर चूल्हे और गैस से जुड़े दूसरे सामान बेचने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। साथ ही सिलेंडर के ऑर्डर में बदलाव किए जाने की शिकायत की है। इन आरोपों पर संबंधित मंत्रालय और तेल कंपनियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
ऐसे में LPG सिलेंडर की डिलीवरी को लेकर फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। 26 अक्टूबर को प्रदर्शन जरूर होना है लेकिन देशभर में सप्लाई बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे स्थिति क्या रहेगी यह प्रदर्शन में वितरकों की भागीदारी और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
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