दिल्ली में वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) के दौरान 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को ‘No Mapping’ और ‘Logical Discrepancies’ के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों ने दोनों मामलों पर अलग-अलग स्पष्टीकरण दिया है।
33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, SIR के दौरान 33,12,919 मतदाताओं को संभावित विसंगतियों के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 13,79,785 मतदाता ‘No Mapping’ और 19,33,134 मतदाता ‘Logical Discrepancies’ श्रेणी में हैं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार अब तक नोटिस जनरेट होने की संख्या करीब 31.64 लाख है और बाकी नोटिस जारी होने की प्रक्रिया जारी है।
नोटिस मिलना अपने आप में वोटर को अयोग्य घोषित करना नहीं है। संबंधित मतदाताओं को दस्तावेज और स्पष्टीकरण देकर अपनी पात्रता सत्यापित कराने का अवसर दिया गया है।
CM रेखा गुप्ता को क्यों मिला नोटिस?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम ‘Logical Discrepancy’ श्रेणी में आया था। अधिकारियों के मुताबिक, उनके Enumeration Form में दर्ज उम्र और उनके माता-पिता की उम्र के बीच अपेक्षित अंतर को लेकर विसंगति मिली थी।
इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी ने उनका फिजिकल वेरिफिकेशन किया। दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारी की जांच के बाद उनकी एंट्री को Validated कर दिया गया है और उसे अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए रखा गया है।
केजरीवाल और परिवार को नोटिस क्यों?
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उनके माता-पिता और बेटे पुलकित केजरीवाल के नाम भी नोटिस वाली सूची में हैं। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के ERO के अनुसार, उनके विवरण पिछली SIR की वोटर लिस्ट से मैप नहीं हो पाए थे।
ERO के मुताबिक, Enumeration Form में पिछली SIR की सूची से लिंक करने के लिए जरूरी जानकारी पूरी तरह उपलब्ध नहीं थी। इसी आधार पर इन नामों को ‘No Mapping’ श्रेणी में रखा गया और नोटिस जारी किया गया।
AAP ने उठाए सवाल, आयोग ने दी सफाई
AAP की ओर से दावा किया गया कि केजरीवाल का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका नाम ड्राफ्ट रोल में मौजूद है और नोटिस केवल सत्यापन प्रक्रिया के तहत जारी हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, आवश्यक दस्तावेज और तथ्यों की जांच के बाद उनका नाम अंतिम सूची में शामिल किया जा सकता है।
अब आगे क्या होगा?
दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 अगस्त को प्रकाशित हुई थी। इसमें 97,53,577 मतदाताओं के नाम हैं, जो 30 जून की सूची के 1,45,10,299 मतदाताओं की तुलना में करीब 32.8% कम हैं। SIR के तहत जारी नोटिस पर जवाब और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार नोटिसों का निपटारा 29 अक्टूबर तक और दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने का कार्यक्रम है। इस प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल हुई है, जिस पर 22 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है।
दिल्ली SIR में बड़े पैमाने पर मतदाताओं की जानकारी की दोबारा जांच हो रही है। रेखा गुप्ता के मामले में दस्तावेज सत्यापित हो चुके हैं, जबकि केजरीवाल और उनके परिवार के मामले में ‘No Mapping’ के आधार पर नोटिस जारी हुआ है। अंतिम निर्णय संबंधित दस्तावेजों और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
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