कानपुर में मेट्रो लाइन के बीच बने कथित अवैध कब्रिस्तान पर KDA का एक्शन, भारी पुलिसबल के बीच ढहाए निर्माण

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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कानपुर में मेट्रो लाइन के बीच बने कथित अवैध कब्रिस्तान पर KDA का एक्शन, भारी पुलिसबल के बीच ढहाए निर्माण

बर्रा-6 इलाके में मेट्रो निर्माण क्षेत्र के बीच बने कथित अवैध कब्रिस्तान के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शनिवार तड़के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। करीब 4 बजे पुलिस और PAC की मौजूदगी में KDA की टीम ने बाउंड्री वॉल और अंदर बने पक्के-कच्चे निर्माण को बुलडोजर से हटा दिया। KDA ने जमीन को सरकारी बताते हुए कथित अतिक्रमण हटाने की बात कही है, जबकि कब्रिस्तान से जुड़े पक्ष ने मामले के न्यायालय में विचाराधीन होने का दावा किया है।

सुबह 4 बजे पहुंची KDA की टीम

बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा-6 में कार्रवाई के लिए KDA की टीम OSD शत शुक्ला की अगुवाई में तड़के करीब 4 बजे पहुंची।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल के साथ PAC और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा घेरे के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।

सबसे पहले मौके पर बनी बाउंड्री वॉल को हटाया गया। इसके बाद बाउंड्री के अंदर बने कमरों और अन्य निर्माण को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।

करीब 3000 वर्गमीटर जमीन पर कब्जे का आरोप

KDA OSD शत शुक्ला के मुताबिक, कार्रवाई वाली जमीन का क्षेत्रफल करीब 3000 वर्गमीटर है। प्राधिकरण का दावा है कि जमीन KDA के स्वामित्व वाली सरकारी भूमि है और उस पर बाउंड्री बनाकर निर्माण कराया गया था।

KDA के अनुसार, जमीन और निर्माण से संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था।

नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

प्राधिकरण के जोन-3 के भूमि बैंक अनुभाग की ओर से उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 26(क)(4) के तहत नोटिस जारी किया गया था।

KDA के मुताबिक, संबंधित पक्ष की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कब्रिस्तान के निचले हिस्से को नहीं छेड़ा गया, जबकि ऊपर बनाए गए पक्के और कच्चे ढांचों को हटाया गया।

कब्रिस्तान से जुड़े पक्ष ने उठाए सवाल

वहीं, कब्रिस्तान से जुड़े मोहम्मद इकराम ने KDA की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि इस मामले को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है।

इकराम के मुताबिक, उन्हें कार्रवाई से महज एक दिन पहले नोटिस मिला था। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर न्यायालय का रुख करेंगे।

इस दावे की अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायालय के रिकॉर्ड और आगे होने वाली सुनवाई से स्पष्ट होगी।

मेट्रो निर्माण में बाधा का भी दावा

स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि यह स्थल क्षेत्र में चल रहे मेट्रो निर्माण से संबंधित कार्यों में बाधा बन रहा था। हालांकि, KDA की कार्रवाई का मुख्य आधार सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण बताया गया है।

इसलिए जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता से जुड़े दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

पहले ही मांगा गया था पुलिस बल

ध्वस्तीकरण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए KDA ने पहले ही पुलिस बल की मांग की थी। जानकारी के मुताबिक, 14 अगस्त 2026 को KDA सचिव की ओर से कानपुर नगर के अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था को पत्र भेजकर पर्याप्त पुलिस बल, PAC और महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता का अनुरोध किया गया था।

कार्रवाई के बाद मौके से बाउंड्री और अन्य निर्माण हटा दिए गए। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।

कानपुर के बर्रा-6 में KDA ने सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बाउंड्री और निर्माण को ध्वस्त किया है। प्राधिकरण कार्रवाई को नोटिस प्रक्रिया के बाद की गई कार्रवाई बता रहा है, जबकि संबंधित पक्ष न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की बात कह रहा है। ऐसे में जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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