कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर एक धमकी भरे पत्र ने नई चर्चा छेड़ दी है। पत्र में गैंग ने कनाडा में 5 हजार से ज्यादा सदस्य और पुलिस से अधिक हथियार होने का दावा किया। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और FINTRAC ने ‘कॉपीकैट’ अपराधियों की संभावना भी बताई है।
धमकी भरे पत्र में 5 हजार सदस्यों का दावा
कनाडाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2025 में अबॉट्सफोर्ड पुलिस विभाग को भेजे गए एक पत्र में खुद को ‘Lawrence gang from India’ बताने वाले लोगों ने कनाडा में 5 हजार से अधिक गैंग सदस्यों का दावा किया था। पत्र में पुलिस से अधिक हथियार होने और पैसे लेकर गोलीबारी कराने जैसी बातें भी कही गई थीं। यह दस्तावेज एक इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) की कार्यवाही से जुड़े रिकॉर्ड के जरिए सार्वजनिक हुआ।
हालांकि, 5 हजार सदस्यों का दावा उस पत्र में किया गया है, यह कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा नहीं है। पत्र वास्तव में बिश्नोई गैंग ने भेजा था या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम का इस्तेमाल किया, इसे लेकर भी सावधानी जरूरी है।
FINTRAC ने ‘कॉपीकैट’ अपराधियों को लेकर चेताया
कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी FINTRAC ने अप्रैल 2026 की अपनी विशेष रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग पर जानकारी दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी गतिविधियों में स्थानीय अपराधियों और विदेशों में मौजूद संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच ढीले-ढाले नेटवर्क काम कर सकते हैं। FINTRAC ने यह भी कहा कि कुछ लोग बिश्नोई जैसे चर्चित आपराधिक समूहों का नाम लेकर धमकी की गंभीरता बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। इसे एजेंसी ने ‘copycat’ actors की संभावना के रूप में दर्ज किया है।
इसलिए पत्र में लिखे 5 हजार सदस्यों के आंकड़े को कनाडा में गैंग की वास्तविक सदस्य संख्या मानना उचित नहीं होगा।
कनाडा ने 2025 में बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया
एक बात आधिकारिक रूप से दर्ज है। कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को बिश्नोई गैंग को Criminal Code के तहत आतंकवादी इकाई (terrorist entity) के रूप में सूचीबद्ध किया था।
कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह संगठन मुख्य रूप से भारत से संचालित होने वाला ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन है और कनाडा में भी इसकी मौजूदगी बताई गई है। सरकार ने इसे हत्या, गोलीबारी, आगजनी, जबरन वसूली और धमकी जैसी गतिविधियों से जोड़ा है।
इस सूची में शामिल होने के बाद कनाडाई कानून प्रवर्तन को संगठन की संपत्ति, फंडिंग, भर्ती और संबंधित गतिविधियों पर अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई के अधिकार मिलते हैं।
कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर वसूली
FINTRAC के मुताबिक, कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाने वाली जबरन वसूली की घटनाओं में कई समूहों और स्थानीय ऑपरेटरों की भूमिका सामने आती है। एजेंसी के विश्लेषण में बिश्नोई गैंग और बंबीहा गैंग का भी उल्लेख है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ मामलों में कनाडा में मौजूद लोगों का इस्तेमाल फुट सोल्जर, एनफोर्सर या ‘मनी म्यूल’ के तौर पर किया जा सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि पूरा नेटवर्क जरूरी नहीं कि एक केंद्रीकृत ढांचे में काम करता हो, बल्कि अलग-अलग छोटे समूह और विदेश स्थित नेटवर्क आपस में जुड़े हो सकते हैं।
CBSA ने 111 लोगों को कनाडा से हटाया
कनाडा की बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) ने 14 सितंबर 2026 को बताया कि जबरन वसूली से जुड़े मामलों में इमिग्रेशन कार्रवाई जारी है। 3 सितंबर 2026 तक 188 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए और 111 लोगों को कनाडा से बाहर किया गया।
क्षेत्रवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
- Pacific Region: 91 रिमूवल ऑर्डर, 58 लोगों को हटाया गया
- Prairie Region: 47 रिमूवल ऑर्डर, 30 लोगों को हटाया गया
- Greater Toronto Area: 50 रिमूवल ऑर्डर, 23 लोगों को हटाया गया
CBSA ने चार मामलों में पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह का भी उल्लेख किया। एजेंसी के अनुसार, इन मामलों में आपराधिक संगठनों, गंभीर अपराध, हथियारों या जबरन वसूली से संबंधित गतिविधियों के आधार पर इमिग्रेशन कार्रवाई की गई।
अब सबसे बड़ा सवाल- 5 हजार का दावा कितना सही?
कनाडा में बिश्नोई नेटवर्क की मौजूदगी को लेकर सरकारी दस्तावेजों और एजेंसियों की कार्रवाई से गंभीर आपराधिक गतिविधियों का संदर्भ सामने आता है। लेकिन 5 हजार सदस्यों और पुलिस से अधिक हथियार होने का दावा अभी केवल कथित पत्र में मौजूद दावा है।
FINTRAC की ‘कॉपीकैट’ वाली चेतावनी को देखते हुए इस संख्या को स्वतंत्र पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। फिलहाल आधिकारिक रिकॉर्ड यह दिखाते हैं कि कनाडा में जबरन वसूली और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है और बिश्नोई गैंग को कनाडा पहले ही आतंकवादी इकाई के रूप में सूचीबद्ध कर चुका है।
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