मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के भोपाल के काजी कैंप को लेकर दिए गए मिसाइल वाले बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है। असदुद्दीन ओवैसी ने बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद शर्मा ने भी पलटवार करते हुए आतंकवाद के खिलाफ मिसाइल कार्रवाई की बात कही।
काजी कैंप वाले बयान पर शुरू हुआ विवाद
मध्य प्रदेश के भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का एक बयान इन दिनों राजनीतिक चर्चा में है। 6 सितंबर को करोंद में आयोजित एक कार्यक्रम में शर्मा ने मंच से काजी कैंप पर मिसाइल चलाने की बात कही थी।
काजी कैंप भोपाल का एक मुस्लिम बहुल इलाका है। बयान सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हुई। हालांकि, बाद में रामेश्वर शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप से था।
ओवैसी ने जनसभा में किया पलटवार
भोपाल में आयोजित एक UCC जनसभा के दौरान AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो मिसाइल चलाकर दिखाएं।
ओवैसी ने यह भी कहा कि वह अकेले वहां आने और शहीद होने के लिए तैयार हैं। उनके भाषण में तीखी और आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल हुआ।
ओवैसी की प्रतिक्रिया के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया।
रामेश्वर शर्मा बोले- अपने बयान पर कायम हूं
ओवैसी के बयान के बाद रामेश्वर शर्मा ने भी पलटवार किया। उन्होंने भारत की सेना और वैज्ञानिकों द्वारा विकसित मिसाइलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भी मिसाइल कार्रवाई दिखाई गई थी।
शर्मा ने कहा कि जहां-जहां आतंकवादियों के कैंप होंगे, वहां मिसाइलें चलती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर पहले भी कायम थे और अब भी कायम हैं।
हालांकि, काजी कैंप को लेकर उनके मूल बयान के संदर्भ और बाद में दी गई सफाई को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।
कौन हैं रामेश्वर शर्मा?
रामेश्वर शर्मा मध्य प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म 5 जुलाई 1970 को विदिशा जिले में हुआ था।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और बाद में बीजेपी की राजनीति में सक्रिय हुए। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा की राजनीति में कदम रखा।
2013 में पहली बार बने विधायक
रामेश्वर शर्मा ने 2013 में पहली बार हुजूर विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीता। इसके बाद 2018 और 2023 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की।
2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 1,77,755 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के नरेश ज्ञानचंदानी को 97,910 वोटों के अंतर से हराया।
उनके राजनीतिक सफर में वर्ष 2020 की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी शामिल रही, जब उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर का दायित्व दिया गया।
बयानबाजी से बढ़ी राजनीतिक बहस
रामेश्वर शर्मा के बयान और उसके बाद ओवैसी की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर राजनीतिक नेताओं के बयानों को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ओर शर्मा अपने बयान को आतंकवाद के संदर्भ में बताते हुए उस पर कायम रहने की बात कह रहे हैं, वहीं ओवैसी ने उनके बयान के संदर्भ पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
इस पूरे विवाद में दोनों नेताओं के बयान राजनीतिक रूप से अलग-अलग दावों और प्रतिक्रियाओं को सामने रखते हैं। बयान का वास्तविक संदर्भ और उसके बाद की राजनीतिक व्याख्या फिलहाल विवाद का केंद्र बनी हुई है।
भोपाल के काजी कैंप को लेकर रामेश्वर शर्मा के मिसाइल वाले बयान पर असदुद्दीन ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया के बाद विवाद बढ़ गया है। शर्मा ने बाद में अपने बयान का संदर्भ इस्लामाबाद से जोड़ा और ओवैसी की प्रतिक्रिया के बाद आतंकवाद के खिलाफ मिसाइल कार्रवाई की बात कही। इसी बीच रामेश्वर शर्मा का राजनीतिक सफर भी चर्चा में आ गया है, जिसमें तीन विधानसभा चुनावों में जीत और प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी शामिल है।
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