प. चंपारण: कहीं राशन की लूट, तो कहीं सरकारी दांव फेल! 19 दुकानों पर गिरी गाज!
मोतिहारी: पश्चिम चंपारण जिले में राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी की पोल खुल गई है। सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए, कुछ डीलरों ने जरूरतमंदों के हिस्से का निवाला छीनने का प्रयास किया। लेकिन, प्रशासन की पैनी नजर से वे बच नहीं सके। जनवरी से अब तक, 19 राशन दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, जो इस गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है।
यह कार्रवाई जिले के विभिन्न अंचलों में की गई है, जहां राशन वितरण में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे। इन दुकानों पर न केवल जरूरतमंदों को उनका हक नहीं मिल रहा था, बल्कि सरकारी योजनाओं को भी पलीता लगाया जा रहा था। ऐसे में, प्रशासन का यह कड़ा कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
सवाल यह उठता है कि कब तक आम जनता को अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए राशन के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा? सरकारी खाद्यान्न की यह कालाबाजारी कब रुकेगी? 19 दुकानों का लाइसेंस रद्द होना एक बड़ी कार्रवाई है, लेकिन क्या यह समस्या की जड़ तक पहुंचने में कामयाब होगी? या यह सिर्फ एक शुरुआत है, और भविष्य में और भी ऐसे मामले सामने आएंगे?
जिले के लोग अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस तरह की अनियमितताओं पर लगाम लगे और जरूरतमंदों तक उनका हक पहुंचे। आखिर, सरकार की योजनाएं जनता के हित के लिए ही होती हैं, और उनका सही तरीके से लागू होना अत्यंत आवश्यक है।
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