बिहार में एनडीए का सत्ता समीकरण: 2025 के रण में सीटों का अंतिम दांव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा द्वारा इसकी पुष्टि के साथ ही, 243 सीटों के इस महासंग्राम में एनडीए के हर सदस्य की भूमिका तय हो गई है।
सीटों का ताना-बाना: एक नया समीकरण
इस बार के बंटवारे में, जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ही 101-101 सीटों के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगी। यह जहाँ दोनों प्रमुख दलों के लिए एक समान अवसर प्रस्तुत करता है, वहीं कुछ आंतरिक समायोजन का भी संकेत देता है। गठबंधन के अन्य महत्वपूर्ण साथी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (एलजेपी-आरवी) को 29 सीटें आवंटित की गई हैं, जो उनकी बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाती है। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और हिंदुस्तानी आवाम पार्टी (सेक्युलर) (हैम-एस) को 6-6 सीटों के साथ गठबंधन की मजबूती में अपना योगदान देने का अवसर मिला है।
जेडीयू के लिए बड़ा फैसला: एक नए अध्याय की शुरुआत
यह सीट बंटवारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में, जहाँ जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, इस बार पार्टी 14 सीटों के अंतर के साथ 101 सीटों पर केंद्रित है। इसी तरह, भाजपा भी अपने पिछले 110 सीटों के आंकड़े से कुछ कम पर आई है। इस बदले हुए समीकरण में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का गठबंधन में शामिल होना एक निर्णायक कारक रहा है, जिसने सीटों के गणित को नया आकार दिया है।
गठबंधन की एकता का उद्घोष
जेडीयू नेता संजय कुमार झा ने इस सर्वसम्मति से हुए बंटवारे का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए कहा, “एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता इसका खुशी से स्वागत करते हैं और नीतीश कुमार को भारी बहुमत से फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए एकजुट हैं।” यह बयान गठबंधन की अटूट प्रतिबद्धता और सामूहिक जीत की आशा को दर्शाता है।
चुनावी रणभेरी: दो चरणों में मतदान
बिहार की जनता 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी, और 14 नवंबर को मतगणना के साथ ही चुनावी नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे।
विपक्ष की खामोशी: अनिश्चितताओं का दौर
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन या ‘इंडिया ब्लॉक’ ने अभी तक अपने साझा सीट-बंटवारे के फॉर्मूले की घोषणा नहीं की है, जिससे चुनावी परिदृश्य में एक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
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