रूह कंपा देने वाली दास्तां: हमास हमले का वो ज़िंदा लाश, जिसने आखिर मौत को गले लगाया
इजराइल-हमास युद्ध के क्रूर सच की एक और कड़वी हकीकत, जिसने रूह को कंपा दिया।
वक्त की चादर घावों पर मरहम लगाती है, ये कहावत शायद रोई शालेव की कहानी पर लागू नहीं होती। कुछ ज़ख्म इतने गहरे होते हैं कि वक्त की रेत भी उन्हें पाट नहीं पाती, वे दिल के अंदर सुलगते ही रहते हैं। इजराइल का 28 वर्षीय रोई शालेव भी ऐसे ही एक अनबुझ दर्द के साथ दो साल तक जीता रहा। 7 अक्टूबर 2023 की वो मनहूस सुबह, जब हमास के आतंकियों ने किबुत्ज रीम के पास आयोजित सुपरनोवा संगीत समारोह को अपना निशाना बनाया, उसी दिन उसने अपनी 25 वर्षीय प्रेमिका मापल एडम को अपनी आँखों के सामने मौत के आगोश में समाते देखा था। और फिर, ठीक दो साल बाद, उसी खूनी बरसी के आसपास, रोई ने भी अपनी जान देकर उस असहनीय पीड़ा से मुक्ति पा ली।
जलती कार में मिला रोई का शव: एक खौफनाक अंत
द जेरूसलम पोस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को नेतन्या के पास एक हाईवे पर रोई शालेव का शव एक जलती हुई कार में पाया गया। सीसीटीवी फुटेज ने उस भयानक कृत्य से कुछ घंटे पहले उसे एक पेट्रोल पंप पर अपनी कार में तेल भरते हुए कैद किया। मौत से ठीक पहले, रोई ने अपने इंस्टाग्राम पर जो आखिरी पोस्ट लिखा, वह उसके दिल के अंदर चल रहे तूफान का आईना था: “मुझे सचमुच बहुत दुख है। मैं अब इस दर्द को और सहन नहीं कर सकता। मैं अंदर से जल रहा हूं, और मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैंने अपने जीवन में कभी इतना दर्द और पीड़ा महसूस नहीं की – इतनी गहरी, जलती हुई, मुझे अंदर से खा रही। मैं बस यही चाहता हूं कि यह पीड़ा खत्म हो। मैं जिंदा हूं – लेकिन अंदर से, मैं पहले ही मर चुका हूं।” ये शब्द उस गहरे मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक घाव की गहराई बताते हैं, जो उसने पिछले दो सालों में झेला था।
7 अक्टूबर 2023: वो दिन जब सब कुछ बिखर गया
द टाइम्स ऑफ इजराइल की मानें तो, 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकवादियों ने गाजा सीमावर्ती समुदायों में घुसपैठ कर एक खूनी मंजर रचा था, जिसमें लगभग 1,200 निर्दोष लोगों की जान ले ली गई थी। उसी दिन, रोई और मापल एडम नोवा फेस्टिवल में संगीत और खुशियों में डूबे हुए थे। जब मौत का तांडव शुरू हुआ, तो दोनों ने बचने की हताश कोशिश में एक ट्रक के नीचे छिपकर घंटों तक मरने का नाटक किया। लेकिन नियति का क्रूर खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। जब आतंकियों की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने मापल को बेहद करीब से गोली मार दी। रोई को भी दो गोलियां लगीं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से वह बच निकला।
‘मयान… नरसंहार हो रहा है’: मापल का आखिरी संदेश
मापल की बहन मयान एडम, जो इजराइल में एक जानी-मानी टीवी प्रस्तोता हैं, ने हमले के दौरान मापल द्वारा भेजे गए आखिरी संदेशों को बयां करते हुए बताया कि मापल कितनी डरी हुई थी। उसके आखिरी शब्द थे: “मुझे डर लग रहा है, मयान। नरसंहार हो रहा है, नरसंहार हो रहा है। मेरे सिर में गोलियां लग रही हैं।” और फिर, उस खामोशी में हमेशा के लिए डूब गया।
2024 में दिए एक यूट्यूब इंटरव्यू में रोई ने उस भयानक रात की यादों को साझा करते हुए बताया था, “हमने एक-दूसरे से ‘आई लव यू’ कहा और आंखें बंद कर लीं। कुछ मिनट बाद आतंकवादी चले गए। मैंने आंखें खोलीं लेकिन मापल मेरे बगल में खून से लथपथ थी। उसके दिल में गोली लगी थी।” शायद वह भयावह तस्वीर उसके जहन से कभी मिट ही नहीं पाई।
मां ने भी उसी दर्दनाक रास्ते को चुना
द जेरूसलम पोस्ट की खबर के अनुसार, इस भयानक हमले के कुछ दिन बाद रोई की मां ने भी आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने भी अपनी कार में आग लगाकर अपनी जान दी थी। यानी, बेटे का ज़िंदा बच जाना भी उनके लिए किसी राहत से ज़्यादा एक अंतहीन दुख का सबब बन गया था। नोवा ट्राइब कम्युनिटी फाउंडेशन, जो इस उत्सव के पीड़ितों और उनके परिवारों का प्रतिनिधित्व करता है, ने रोई की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “रोई हमारे समुदाय की रीढ़ थे। उनकी मृत्यु हमारे लिए अकल्पनीय खबर है। हम उनके जाने से बेहद दुखी हैं।”
यह हृदयविदारक घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमास के हमले के बाद से जारी इस संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक मिस्र में होने वाली है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष नेता भाग लेंगे।
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