रीवा के निजी अस्पताल की लिफ्ट में फंसे मरीज की मौत, परिजनों ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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रीवा के निजी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे परिवार ने कुछ ही देर में अपना सबसे करीबी सदस्य खो दिया। लिफ्ट में फंसने से मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। अब जांच के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

इलाज के लिए भर्ती हुए थे सुरेश सेन

मृतक की पहचान अमरपाटन क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी सुरेश सेन के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले पेड़ से गिरने के कारण उनके कंधे की हड्डी टूट गई थी। शनिवार शाम उन्हें इलाज के लिए रीवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी हालत सुधरेगी, लेकिन अस्पताल में हुआ हादसा जानलेवा साबित हुआ।

लिफ्ट में फंसा मरीज, मौके से कर्मचारी गायब

मृतक के बेटे हिमांशु सेन के अनुसार, रात में अस्पताल का कर्मचारी सुरेश को स्ट्रेचर पर लिटाकर लिफ्ट से ऊपर ले जा रहा था। परिजन भी साथ जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें सीढ़ियों से आने को कहा गया। ऊपर पहुंचने के बाद परिजनों ने देखा कि सुरेश का शरीर लिफ्ट के निचले हिस्से में फंसा हुआ था।

परिवार का आरोप है कि इस दौरान अस्पताल कर्मचारी मौके से गायब था। सीएसपी राजीव पाठक के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में तकनीकी खराबी के चलते मरीज की गर्दन फंसने की बात सामने आई है।

पहले भी लिफ्ट में फंसने का दावा

इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि हादसे से करीब 20 मिनट पहले एक लड़की भी इसी लिफ्ट में फंस गई थी। परिवार का कहना है कि अगर उस घटना के बाद लिफ्ट की जांच कराई जाती, तो शायद सुरेश के साथ यह हादसा टल सकता था।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अस्पताल बंद कराने की मांग

सुरेश की मौत की खबर फैलते ही परिजन और अन्य लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अस्पताल बंद कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। परिवार ने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

परिजनों ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों पर पुलिस की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेज दिया है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़ा करता है। लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा अगर मरीज की जान के लिए खतरा बन जाए, तो जिम्मेदारी सिर्फ तकनीकी खराबी की नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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