बिहार में ‘भ्रष्टाचार के अंत’ का बिगुल फूंका: कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार, ‘वोट चोरी’ और ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ बने मुख्य हथियार
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होने के साथ ही कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चौतरफा हमला बोला है। पार्टी ने कथित ‘वोट चोरी’, अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन और आरक्षण जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा है कि आगामी चुनाव मोदी सरकार के ‘भ्रष्ट शासन’ के अंत की शुरुआत साबित होंगे। कांग्रेस की विस्तारित कार्य समिति की बुधवार को पटना में हुई बैठक में देश की विदेश नीति को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया गया, जहां यह दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गले लगने की कूटनीति’ ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया है।
ऐतिहासिक बैठक और गंभीर आरोप
स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार, कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बिहार के सदाकत आश्रम में चार घंटे से अधिक चली। इस दौरान दो अहम प्रस्ताव पारित किए गए – एक राजनीतिक और दूसरा बिहार के लिए। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की, जिसमें राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए। अस्वस्थता के कारण सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा इस बैठक में शामिल नहीं हो सकीं।
‘नीतीश को सीएम की कुर्सी पर बोझ समझ रही भाजपा’
अपने संबोधन में खरगे ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘मानसिक रूप से सेवानिवृत्त’ कर दिया है और अब उन्हें ‘बोझ’ समझने लगी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा कि जिन ‘दोस्तों’ को प्रधानमंत्री अपना बताते हैं, वही आज भारत को संकट में डाल रहे हैं। खरगे ने विश्वास जताया कि 2025 का विधानसभा चुनाव न सिर्फ बिहार के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक ‘मील का पत्थर’ साबित होगा, जो ‘मोदी सरकार के भ्रष्ट शासन’ की उलटी गिनती शुरू करेगा।
‘विदेश नीति निजी दोस्ती से न चले’
राहुल गांधी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ और एच1बी वीजा से जुड़े कदमों की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विदेश नीति को ‘निजी दोस्ती’ के आधार पर नहीं चलाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि वह तथ्यों के साथ जनता के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की सफलता के लिए बिहार कांग्रेस और सहयोगी दलों की सराहना की।
‘कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान से समझौता नहीं’
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के ‘आत्मसम्मान’ के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बिहार में महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के नाम को लेकर पूछे गए सवालों पर वरिष्ठ नेताओं ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि "जब आसमान में सूरज चमक रहा हो तो उसकी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती।"
‘वोट चोरी’ के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान
बैठक में ‘वोट चोरी’ और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। केसी वेणुगोपाल ने बताया कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अगले महीने पांच करोड़ हस्ताक्षर निर्वाचन आयोग को सौंपे जाएंगे। पारित प्रस्ताव में एसआईआर को मतदाता सूची में धांधली कर सत्ता पर ‘छलपूर्वक काबिज रहने’ के भाजपा के ‘टूलकिट’ का हिस्सा बताया गया।
‘लोकतंत्र पर सबसे बड़ा खतरा मतदाता सूची की साजिश’
बिहार से संबंधित प्रस्ताव में कहा गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की साजिश ‘आज हमारे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा’ है। आरोप लगाया गया कि यह प्रक्रिया ‘योजनाबद्ध ढंग से दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों’ जैसे हाशिए पर खड़े समुदायों को उनके मताधिकार से वंचित करने के लिए रची गई है। प्रस्ताव में कहा गया कि ‘चुराए गए जनादेश और धांधली से बनाई गई मतदाता सूचियों’ पर आधारित सरकार की कोई ‘नैतिक या राजनीतिक वैधता’ नहीं होती।
‘डबल इंजन सरकार’ के असली इंजन बने भ्रष्टाचार और अपराध
बिहार चुनाव को केंद्रबिंदु में रखते हुए पारित प्रस्ताव में दावा किया गया कि जद(यू) और भाजपा के ‘अपवित्र गठबंधन’ के बाद, ‘भ्रष्टाचार और अपराध’ तथाकथित "डबल इंजन सरकार" के ‘असली इंजन’ बन गए हैं।
‘आर्थिक विनाश’ और ‘सौतेला व्यवहार’
कार्य समिति ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के ‘आर्थिक विनाश’ ने करोड़ों भारतीय नागरिकों को ‘निराशा के गर्त’ में धकेल दिया है, जबकि सरकार ‘अर्थव्यवस्था की झूठी छवि’ गढ़ने की कोशिश में जुटी है। प्रस्ताव में यह भी दावा किया गया कि सरकार ने गैर-राजग शासित राज्यों के प्रति ‘सौतेला व्यवहार’ करते हुए उनकी जीएसटी क्षतिपूर्ति रोकी हुई है।
‘आरएसएस को मुख्यधारा में लाने का शर्मनाक प्रयास’
कांग्रेस ने सरकार पर ‘आरएसएस को मुख्यधारा में लाने के शर्मनाक प्रयास’ करने का आरोप लगाया, जिसने ‘लगातार भारत के संविधान के प्रति निष्ठा का अभाव सिद्ध किया है।’
‘पटना की बैठक के बाद बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी’
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि जैसे तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले हैदराबाद में सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी, उसी तरह ‘पटना की बैठक के बाद बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी।’ बैठक में हालिया प्राकृतिक आपदाओं और गायक जुबिन गर्ग के निधन पर भी दुख व्यक्त किया गया।
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