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हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव की ओर, सरकार का 3,000 करोड़ का विशाल निवेश
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक ऐतिहासिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश करेगी, जिससे प्रदेश के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
यह घोषणा शनिवार शाम शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय स्वास्थ्य संवाद सत्र के दौरान की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा जेआईसीए चरण-दो परियोजना के तहत स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को उन्नत करने पर खर्च किया जाएगा, जिसके लिए 1,300 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
सुक्खू ने इसे और विस्तार से बताते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों को विश्व स्तरीय चिकित्सा प्रौद्योगिकी से लैस करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अगले तीन वर्षों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।"
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु चिकित्सकों के वेतन में वृद्धि की संभावना पर भी विचार करने की बात कही, जिससे युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहन मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने बताया कि 236 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 150 अतिरिक्त पदों को पहले ही मंजूरी दे दी गई है। भर्ती प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों में प्राप्त अंकों को अंतिम मेधा सूची में शामिल किया जाएगा, ताकि चयन पूरी तरह से निष्पक्ष हो।
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