आदिवासियों के लिए सीएम साय का महा-आशीर्वाद: 5 स्थानों पर भव्य डोम, ₹75 लाख की सौगात!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
5 Min Read
Chhattisgarh News

मुख्यमंत्री साय ने किया जनजातीय समाज के समग्र विकास का संकल्प, ‘धुरवा समाज’ के नुआखाई मिलन समारोह में हुए शामिल

जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत आदिवासी बहुल गांवों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ भी प्रारंभ की गई है।

समग्र विकास से प्रगति के पथ पर अग्रसर जनजातीय क्षेत्र

मुख्यमंत्री साय ने जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में आयोजित धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण के अवसर पर ये महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की धारा बहेगी और समुदाय प्रगति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ेगा।

धुरवा समाज के लिए बड़ी घोषणाएं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर 15-15 लाख रुपये की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया।

परंपराओं का सम्मान और भविष्य की ओर एक कदम

धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए, मुख्यमंत्री ने नुआखाई मिलन समारोह को समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक बताया। उन्होंने अनाज या फल ग्रहण करने से पूर्व देवी-देवताओं की पूजा की परंपरा पर जोर दिया, जो आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण पर बधाई देते हुए कहा कि यह भवन समाज के विकास और सभा-सम्मेलनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

अटल जी का जनजातीय कल्याण में योगदान

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने जनजातीय समुदाय के कल्याण हेतु भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया था। छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास में विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का भी उल्लेख किया, जिसका गठन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों में आवश्यक विकास कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए किया था।

जनहितकारी योजनाओं से आम लोगों तक पहुंच

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में ‘नियद नेल्लानार योजना’ के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए समाज के समन्वित प्रयास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन समाज की एकता और संस्कृति को मजबूत करता है।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं। धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version