गुणवत्ता का महाकुंभ: आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम
दो दिवसीय "क्वालिटी कॉन्सेप्ट कन्वेंशन" में सिक्स सिग्मा, काइज़न, शेनीन, क्वालिटी सर्कल और लिन जैसी आधुनिक गणितीय पद्धतियों पर हुआ मंथन।
जयपुर: हाल ही में संपन्न हुआ दो दिवसीय "क्वालिटी कॉन्सेप्ट कन्वेंशन" गुणवत्ता के प्रति समर्पण और नवाचार का एक अनूठा संगम साबित हुआ। इस भव्य आयोजन में सिक्स सिग्मा, काइज़न, शेनीन, क्वालिटी सर्कल, लिन क्वालिटी सर्कल और लिन सर्कल जैसी अत्याधुनिक गणितीय पद्धतियों का गहनता से विश्लेषण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य ध्येय विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों को कार्यस्थल की समस्याओं को पहचानने और उन्हें व्यवस्थित व वैज्ञानिक ढंग से हल करने की क्षमता से लैस करना रहा। इस वर्ष के कन्वेंशन का थीम "आत्मनिर्भर विकसित भारत" रखा गया, जो देश को गुणवत्ता के पथ पर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।
"गुणवत्ता संस्कृति को अपनाना ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है": श्री नरेंद्र कुमार जैन
कन्वेंशन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र कुमार जैन ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि गुणवत्ता को अपनी कार्यशैली का अभिन्न अंग बनाना ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव रखेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब कर्मचारी स्वयं अपने कार्यस्थल की चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पहचानकर उनका निवारण करने में सक्षम होते हैं, तो न केवल संस्थान की उत्पादकता में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, बल्कि यह प्रत्यक्ष रूप से देश की औद्योगिक प्रगति में भी मील का पत्थर साबित होता है। श्री जैन ने यह भी आश्वासन दिया कि एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान इस गुणवत्ता यात्रा में निरंतर अपना सहयोग बनाए रखेगी। कार्यक्रम का सफल संचालन यूनिवर्सिटी की डॉ. प्रभात दीक्षित ने किया। अधिवेशन का शुभारंभ यूनिवर्सिटी की प्रतिभाशाली छात्राओं द्वारा मनमोहक गणेश वंदना और भरतनाट्यम की प्रस्तुति से हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष एवं प्लांट हेड – आशीर्वाद पाइप्स, श्री निशांत सिंह ने की।
"उद्योग और शिक्षा जगत का यह संयुक्त मंच विशेष है": डॉ. नीति निपुण शर्मा
अधिवेशन की शुरुआत मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. नीति निपुण शर्मा के प्रेरक संबोधन से हुई। उन्होंने कहा, "आज का यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि उद्योग और शिक्षा जगत आज एक साथ मिलकर खड़े हैं। यह सामूहिक प्रयास यह सुनिश्चित करने में सहायक होगा कि हम सम्पूर्ण गुणवत्ता को अपने दैनिक जीवन का एक अटूट हिस्सा कैसे बना सकते हैं।" उन्होंने परिसर में ही राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने का सुझाव भी दिया।
"भारतीय विद्यार्थियों को विदेश की ओर ताकने की आवश्यकता न पड़े": डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा (चेयरमैन, राजसमंद चैप्टर) ने एक महत्वपूर्ण विचार व्यक्त करते हुए कहा, "यूनिवर्सिटी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में हावर्ड बिज़नेस स्कूल, एमआईटी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे विश्वस्तरीय उच्च संस्थान भारत में ही स्थापित हों, ताकि भारतीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका और यूरोप का मुंह न ताकना पड़े।"
"तकनीकी शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर इंडस्ट्री 4.0 और 5.0 में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं": अनिल कुमार शर्मा
बीके टायर्स के कॉर्पोरेट क्वालिटी हेड, अनिल कुमार शर्मा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "ऐसे तकनीकी शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर इंडस्ट्री 4.0 और 5.0 के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर सकते हैं। बीके टायर्स भविष्य में भी संस्थान के साथ मिलकर इस दिशा में प्रयास जारी रखेगा।"
मनोज मेश्राम ने अधिवेशन की विस्तृत जानकारी दी
जयपुर चैप्टर के चेयरमैन, मनोज मेश्राम ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया और अधिवेशन के उद्देश्यों तथा गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने यूनिवर्सिटी और उसके अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। उपाध्यक्ष डॉ. रमेश मित्तल, वाइस चेयरमैन जयपुर चैप्टर एवं सचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने भी कार्यक्रम में अपने बहुमूल्य विचार रखे।
अधिवेशन में इन प्रतिष्ठित संस्थानों ने की शिरकत:
इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में नैशनल बेयरिंग कंपनी – जयपुर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड – गाजियाबाद, अशोक लीलैंड, टाटा पावर, श्रीराम पिस्टन एंड रिंग्स – गाजियाबाद, सिक्योर मीटर्स – उदयपुर, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज – भिवाड़ी, जेके लक्ष्मी सीमेंट – झज्जर, जीनस पावर – जयपुर, आशीर्वाद पाइप्स, फिनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स, प्रिसटीन टेक्नोलॉजी, अदानी पोर्ट – जयपुर, स्पार्क लाइन इंडस्ट्रीज, सियाक एसकेएच, संधार, कोर्ट लाँड इंटरनेशनल, एनएलसी इंडिया लिमिटेड – बीकानेर, राजस्थान सन टेक्नोलॉजी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड जैसे अग्रणी संस्थानों ने भाग लिया।
एक ही समय में 51 केस स्टडी का प्रस्तुतिकरण:
चैप्टर के मुख्य मूल्यांकनकर्ता, डॉ. राजेश सोलंकी ने बताया कि अधिवेशन के दौरान 6 समानांतर कक्षों में एक साथ 51 केस स्टडी प्रस्तुत की गईं। इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञों की एक अनुभवी टीम द्वारा किया गया, जिनमें डॉ. अनिल मेहता, डॉ. अशोक शर्मा, विकास पारीक, डॉ. मुरारीलाल गुप्ता, जी. प्रकाश मोहता, विनोद मित्तल, संदीप शर्मा, आशुतोष पांडे, हरीश पारीक, मनीष शर्मा, उमेश पठनीय एवं सुरेश जाजू शामिल थे। प्रो. रमेश मित्तल, डॉ. विनोद यादव, अरुण कुमार गोयल, विनीत रॉय एवं कर्नल रवींद्र गुसाईं सहित कई विशेषज्ञों का इस अधिवेशन के सफल संचालन में विशेष योगदान रहा।
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