दिल्ली में AQI 400 पार: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को टालने की सरकारी उम्मीदें कितनी हकीकत?

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दिल्ली में AQI 400 पार: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को टालने की सरकारी उम्मीदें कितनी हकीकत?
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दिल्ली की हवा ने फिर उगला ज़हर: AQI 392 पार, शहर दम घुटने को मजबूर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली रविवार की सुबह एक बार फिर जहरीली हवा की चादर में लिपटी हुई दिखी। प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से ऊपर चढ़ चुका है, जिसने शहर को देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में अव्वल बना दिया है। सुबह-सुबह एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के आंकड़ों ने चौंका दिया, जब एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 392 दर्ज किया गया। शहर के कई हिस्सों में तो यह आंकड़ा 400 के पार चला गया, जो अत्यंत गंभीर स्थिति का संकेत दे रहा है।

प्रदूषण की भयावहता: एक विस्तृत नज़र

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार शाम 4 बजे शहर का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 361 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। लेकिन रविवार की सुबह 7 बजे, समीर ऐप के चौंकाने वाले डेटा ने बताया कि दिल्ली के 39 में से 21 निगरानी स्टेशनों पर एक्यूआई 400 या उससे अधिक दर्ज किया गया, यह प्रदूषण के ‘गंभीर’ स्तर को दर्शाता है।

प्रदूषण के हॉटस्पॉट: कहाँ है सबसे बुरा हाल?

राष्ट्रीय राजधानी की हवा की गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे खराब रीडिंग वाले इलाकों में अलीपुर में एक्यूआई 415, ITO में 420, नेहरू नगर में 426, विवेक विहार में 424, वजीरपुर में 435 और बुराड़ी में 430 दर्ज किया गया। ये सभी आंकड़े सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की ‘गंभीर’ (401 से 500) श्रेणी में आते हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बड़े शहरों में भी हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ (301 से 400) श्रेणी में रही। नोएडा में एक्यूआई 354, ग्रेटर नोएडा में 336, और गाजियाबाद में 339 रिकॉर्ड किया गया।

सरकारी प्रयासों का प्रभाव: राहत की फुहार या केवल उम्मीद?

दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी (DPCC) ने बताया कि सरकारी उपायों के चलते, नवंबर के पहले हफ्ते में पिछले साल की तुलना में वायु गुणवत्ता बेहतर रही है, भले ही AQI हर घंटे 380 के स्तर तक पहुंच गया हो, जो इस मौसम का सबसे खराब था। DPCC के चेयरमैन संदीप कुमार ने CPCB के डेटा का हवाला देते हुए कहा कि नवंबर के पहले सात दिनों में से छह दिनों में एक्यूआई पिछले साल की तुलना में बेहतर था। उन्होंने इस सुधार का श्रेय विभागों के निर्देशों को समय पर लागू करने को दिया।

अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली अभी तक उस प्रदूषण स्तर से नीचे रहने में सफल रही है, जिसके कारण पिछले साल इसी समय के आसपास ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज III को लागू करना पड़ा था। कुमार ने उम्मीद जताई कि विभिन्न सरकारी विभागों के निरंतर प्रयास और जनता के सहयोग से, शहर स्टेज 3 और स्टेज 4 की सख्त पाबंदियों की आवश्यकता से बच सकता है। उन्होंने कहा, “पिछले साल, GRAP 3 को 13 नवंबर को लागू किया गया था। इस बार, हम उम्मीद करते हैं कि हम उस स्तर तक पहुँचने से बचेंगे।”


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