दिल्ली की हवा में घुलकर बढ़ा प्रदूषण, दिवाली से पहले ही AQI पहुंचा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा दिवाली के शोरगुल से पहले ही जहरीली हो गई है। सोमवार की सुबह आसमान पर छाई धुंध की मोटी चादर ने शहर की वायु गुणवत्ता को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में धकेल दिया, जहाँ समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 का आंकड़ा पार कर गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, सुबह नौ बजे तक दिल्ली का AQI 339 दर्ज किया गया, जो चिंताजनक स्थिति का संकेत है। शहर के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर 300 से ऊपर बना हुआ है, जिसमें आनंद विहार (414) और वजीरपुर (412) जैसे क्षेत्र ‘गंभीर’ श्रेणी में आ गए हैं।
GRAP-2 के प्रतिबंध लागू, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के कड़े कदम
खराब हो रही वायु गुणवत्ता को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के दूसरे चरण के प्रतिबंधों को तुरंत लागू कर दिया है। यह निर्णय जीआरएपी पर उप-समिति की शनिवार को हुई बैठक में लिया गया, जिसमें प्रदूषण के बढ़ते स्तर और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों का गहन विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में और गिरावट आ सकती है।
आनंद विहार में सबसे अधिक प्रदूषण, कई इलाकों में AQI ‘गंभीर’
दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई है। आनंद विहार 414 के AQI के साथ सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहा, जबकि वजीरपुर 412, बवाना 369, पूसा 371 और अशोक विहार 394 के साथ गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। हालांकि, श्री अरबिंदो मार्ग (165) और डीटीयू (198) जैसे कुछ स्थानों पर वायु गुणवत्ता संतोषजनक या मध्यम श्रेणी में रहा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 0-50 के बीच AQI ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
ग्रीन पटाखों को सशर्त अनुमति, दिवाली के लिए नए नियम
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ विशेष शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उनके उपयोग की अनुमति दे दी है। इस अनुमति के तहत, दिवाली से एक दिन पहले और त्योहार के दिन, सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक और फिर रात 8 बजे से 10 बजे तक लोग ग्रीन क्रैकर फोड़ सकेंगे। यह निर्णय प्रदूषण को कम करने के प्रयासों के बीच एक संतुलन स्थापित करने का प्रयास है।
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