मतदाताओं की सूची में महा-गणना: 50 करोड़ से अधिक के हाथ में गणना पत्रक!
भारत का निर्वाचन आयोग एक बड़े अभियान में जुटा है, जहाँ नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चल रहा है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के तहत, 50.35 करोड़ से अधिक मतदाताओं को गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं, जो चुनावी तंत्र में एक अभूतपूर्व भागीदारी का संकेत है।
एसआईआर का दूसरा चरण: गति पकड़ी गणना ने
चार नवंबर को शुरू हुआ एसआईआर प्रक्रिया का दूसरा चरण, चार दिसंबर तक जारी रहेगा। इस चरण में, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.35 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। यह संख्या अपने आप में चौंकाने वाली है, और इससे भी अधिक रोचक बात यह है कि इनमें से 98.79 प्रतिशत मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र प्राप्त हुए हैं। यह सक्रिय भागीदारी मतदाताओं की चुनावी प्रक्रिया में गहरी रुचि को दर्शाती है।
किन राज्यों में चल रहा है यह महा-अभियान?
यह विशेष पुनरीक्षण अभियान छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और लक्षद्वीप जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है। इन सभी क्षेत्रों में मतदाताओं को सीधे तौर पर इस प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।
2026 के चुनावों की तैयारी: असम भी शामिल
दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं। इसी कड़ी में, निर्वाचन आयोग ने सोमवार को असम में भी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की घोषणा की है। असम में भी 2026 में चुनाव प्रस्तावित हैं, जो इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के महत्व को और बढ़ा देता है। यह दर्शाता है कि आयोग आगामी चुनावों के लिए मतदाताओं की सूची को बिल्कुल सटीक और अद्यतन रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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