दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में कथित हंगामे को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और अन्य पदाधिकारियों ने अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ शिकायत दी थी। आरोप है कि गुरुद्वारा परिसर में राजनीतिक नारेबाजी की गई और घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भ्रामक तरीके से प्रसारित किए गए। पुलिस अब उपलब्ध वीडियो की जांच कर रही है।
- DSGMC की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की FIR
- DSGMC ने धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन का लगाया आरोप
- सोशल मीडिया वीडियो को लेकर भी शिकायत
- बंगला साहिब परिसर में कैसे पहुंचे प्रदर्शनकारी?
- DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने क्या कहा?
- दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो पर क्या कहा?
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की
- जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की तस्वीर
DSGMC की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की FIR
गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पुलिस से शिकायत की थी। कमेटी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और अन्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को नई दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत सौंपी।
कमेटी ने शिकायत के साथ पुलिस को कुछ वीडियो भी उपलब्ध कराए। इसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। शिकायत में अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के नेताओं और विधायकों का नाम शामिल होने की बात कही गई है। हालांकि, शिकायत में नाम आने का अर्थ अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित होना नहीं है।
DSGMC ने धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन का लगाया आरोप
कमेटी का आरोप है कि शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे कुछ प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा परिसर में पहुंच गए और वहां राजनीतिक नारेबाजी की। DSGMC ने इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा और पवित्रता के खिलाफ बताया।
शिकायत में कहा गया है कि कथित गतिविधियों से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। कमेटी ने पुलिस से मांग की है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जाए और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया वीडियो को लेकर भी शिकायत
DSGMC ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों ने घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिनमें पूरे घटनाक्रम को अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया। कमेटी ने दावा किया कि इससे गुरुद्वारा प्रबंधन की छवि प्रभावित हुई।
शिकायत में अरविंद केजरीवाल पर भी इस कथित प्रस्तुति का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। कमेटी ने पुलिस से वीडियो की बारीकी से जांच करने, उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान करने और यह पता लगाने की मांग की है कि प्रदर्शनकारियों को परिसर में किसने पहुंचाया या संगठित किया था।
बंगला साहिब परिसर में कैसे पहुंचे प्रदर्शनकारी?
यह घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के बीच सामने आया। आरोप है कि जंतर-मंतर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे कई प्रदर्शनकारी शनिवार को गुरुद्वारा परिसर में जमा हो गए थे।
आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए गुरुद्वारे में दाखिल हुई। दूसरी ओर, DSGMC ने प्रदर्शनकारियों के आचरण और परिसर में कथित राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं।
इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर सामने आया है। पुलिस की जांच में इन दावों और उपलब्ध वीडियो की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने क्या कहा?
हरमीत सिंह कालका ने गुरुद्वारा परिसर में पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गुरुद्वारा बंगला साहिब जाने के दौरान उनके साथ आए पुलिसकर्मियों ने जूते पहने हुए थे।
कालका ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए परिसर में पहुंचे दिल्ली पुलिसकर्मियों ने एक रास्ते का इस्तेमाल किया और दरबार हॉल यानी मुख्य गर्भगृह में प्रवेश नहीं किया। हालांकि, उन्होंने वर्दी में पुलिसकर्मियों के गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश करने पर आपत्ति जताई।
दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो पर क्या कहा?
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इससे पहले शनिवार को सोशल मीडिया पर कहा था कि पुलिसकर्मी उस सामान्य रास्ते से गुजर रहे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश से पहले जूते उतारने के लिए करते हैं।
उन्होंने वायरल वीडियो को दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रसारित किए जाने का दावा भी किया था और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
अब DSGMC की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस उपलब्ध वीडियो, घटनास्थल की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह भाजपा की पुलिस द्वारा गुरुद्वारे में जबरन प्रवेश किए जाने की कड़ी निंदा करते हैं।
मान ने कहा कि गुरुद्वारों के दरवाजे जरूरतमंदों को आश्रय देने के लिए हमेशा खुले रहते हैं। उनके अनुसार, यदि प्रदर्शन कर रहे युवा गुरुद्वारे में पहुंचते, तो गुरु के घर की परंपरा के अनुसार सेवादार उन्हें आश्रय देते।
इस बयान के साथ ही घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और धार्मिक बहस तेज हो गई है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की तस्वीर
गुरुद्वारा बंगला साहिब में हुए घटनाक्रम को लेकर अब पुलिस के सामने अलग-अलग पक्षों के दावों की जांच करने की चुनौती है। एक ओर DSGMC ने धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन और सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक प्रस्तुति का आरोप लगाया है, वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
FIR दर्ज होने के बाद जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि परिसर में वास्तव में क्या हुआ, किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी कानून का उल्लंघन हुआ। फिलहाल, किसी भी आरोप को जांच और कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष से पहले साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
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