बाढ़ पीड़ितों के लिए आसरा: जम्मू-कश्मीर सरकार का पांच मरला जमीन का ऐलान
जम्मू-कश्मीर में विनाशकारी बाढ़ से बेघर हुए हर परिवार को सिर छिपाने के लिए एक नया ठिकाना मिलेगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि प्रभावित प्रत्येक परिवार को पांच मरला जमीन का आवंटन किया जाएगा, जिससे वे दोबारा अपने घर बसा सकेंगे।
यह राहत भरी खबर कठुआ जिले के बिलावर तहसील के दुग्गैन गांव के निवासियों के लिए आई है, जहां हालिया बाढ़ ने घरों और आजीविका पर गहरा घाव छोड़ा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, जिसमें उनके साथ विधायक रामेश्वर सिंह और गुलाबगढ़ विधायक खुर्शीद अहमद भी मौजूद थे।
रियासी के माहौर में भी मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल राहत और पुनर्वास के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 को जम्मू-कश्मीर के लिए एक ‘तबाही का वर्ष’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस साल राज्य ने मार्च-अप्रैल में सूखे की मार झेली, तो वहीं अगस्त-सितंबर में लगातार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचाई। कठुआ से लेकर कुपवाड़ा तक, हर जगह अभूतपूर्व नुकसान हुआ है।
इस तबाही के मंजर को बयां करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मूसलाधार बारिश ने 350 से अधिक पुलों को तोड़ दिया, लगभग 2000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को तबाह कर दिया और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को उजाड़ दिया। खड़ी फसलें बह गईं और सरकारी व निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने इस व्यापक विनाश के मद्देनजर, जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा केंद्र सरकार से एक विशेष राहत पैकेज की अपेक्षा व्यक्त की।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


