जयपुर. बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के विरोध प्रदर्शन को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों का धरना 38 दिनों से चल रहा है. शिव विधायक रवींद्र भाटी भी 15 दिन से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं, लेकिन न तो सरकार ने कोई बातचीत की और न ही प्रशासन ने कोई ध्यान दिया. इसी उदासीनता के कारण उन्हें कार्यकर्ताओं के साथ समाहरणालय तक मार्च करने के लिए मजबूर होना पड़ा और यहां तक कि उन्होंने खुद पर पेट्रोल भी डाल लिया.
भाजपा राज में अगर किसी विधायक को अपनी मांगों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसा कदम उठाना पड़े तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। राज्य सरकार को तुरंत उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए और सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए.
प्रधानमंत्री स्वयं यह भ्रम फैला रहे हैं कि सब कुछ ठीक है
वहीं, महंगाई को लेकर गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. इसी सिलसिले में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन महीने से केंद्र सरकार को चेतावनी दे रहे थे कि देश में महंगाई की आंधी आने वाली है, लेकिन पूरी बीजेपी सिर्फ चुनाव में व्यस्त है और उसे देशवासियों की कोई चिंता नहीं है. प्रधानमंत्री स्वयं यह भ्रम फैला रहे हैं कि सब कुछ ठीक है। अब चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल की कमी हो गई है और कीमतें भी बढ़ने लगी हैं.
सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं
अशोक गहलोत ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सब्जी, फल, दूध समेत सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय केंद्र और राज्य सरकार झूठ फैलाकर जनता को गुमराह कर रही है। अभी भी समय है सरकार स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास करे और जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे, अन्यथा भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।
पीसी:एप्लाइव
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