INDIA गठबंधन की बैठक के बाद ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ की घोषणा के बीच AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी सड़क की लड़ाई अपने तरीके से लड़ेगी। उन्होंने CJP के 2 अक्टूबर के आंदोलन का जिक्र करते हुए पंजाब में नशे को लेकर बीजेपी और अकाली दल पर भी गंभीर आरोप लगाए।
‘मार्च में शामिल होने पर संजय सिंह का जवाब’
नई दिल्ली में 30 सितंबर को INDIA गठबंधन की बैठक के बाद विपक्ष ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रमों का ऐलान किया है। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च की भी योजना बताई गई है।
इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह से विपक्ष के मार्च में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि जिस इम्पीचमेंट मोशन की बात हो रही है, उस पर उनकी पार्टी पहले ही हस्ताक्षर कर चुकी है। सड़क पर आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि AAP “अपने ढंग से” लड़ाई लड़ेगी।
CJP के मुंबई आंदोलन पर क्या बोले?
संजय सिंह ने Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन का भी जिक्र किया। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर 2 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान किया है। मुंबई पुलिस द्वारा शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद संगठन ने ‘जेल भरो आंदोलन’ की बात कही है।
संजय सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर से देशभर में इस मुद्दे पर सड़क पर आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने CJP को एक बड़ा जन आंदोलन संगठन बताते हुए उसके पिछले आंदोलनों का भी उल्लेख किया।
पंजाब के नशे पर बीजेपी-अकाली दल को घेरा
संजय सिंह ने पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या के लिए दोनों दल जिम्मेदार रहे हैं और उनके शासनकाल में नशे का कारोबार बढ़ा।
हालांकि, ये संजय सिंह के राजनीतिक आरोप हैं। दूसरी ओर बीजेपी और अन्य विपक्षी दल पंजाब में नशे के मुद्दे पर AAP सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। हालिया राजनीतिक बयानों में इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
‘नशे के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े बोल रहे हैं’
संजय सिंह ने कहा कि नशे की चपेट में आए लोगों को उससे बाहर निकालना AAP सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने ड्रग्स और हेरोइन की बरामदगी समेत सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि इसकी तस्वीर सरकारी आंकड़ों से सामने आती है।
वहीं, पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा इस समय राजनीतिक बहस का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। बीजेपी ने भी हाल में ‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान चलाया है और केंद्र सरकार के नेताओं ने राज्य में नशे की समस्या को लेकर AAP सरकार पर सवाल उठाए हैं।
गुजरात और अलीगढ़ का भी किया जिक्र
संजय सिंह ने अपने बयान में गुजरात और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली या नकली शराब से हुई मौतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं को नशे के व्यापक मुद्दे से जोड़ते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए।
इन बयानों के बीच पंजाब में नशे को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होती दिख रही है। अलग-अलग दल इस समस्या के लिए एक-दूसरे की सरकारों और नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
आगे सड़क पर दिखेगी राजनीतिक लड़ाई
एक तरफ INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर अक्टूबर में कई कार्यक्रम घोषित किए हैं, वहीं CJP ने भी 2 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान किया है।
संजय सिंह के बयान से इतना स्पष्ट है कि AAP इन मुद्दों पर अपनी राजनीतिक रणनीति और आंदोलन का रास्ता अलग रखते हुए आगे बढ़ना चाहती है। आने वाले दिनों में सड़क पर होने वाले ये प्रदर्शन चुनाव आयोग, SIR और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और प्रमुख बना सकते हैं।
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