लुधियाना में चल रही श्री हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने बयान पर आपत्ति जताते हुए धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर विवादित शब्द वापस नहीं लिए गए तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लुधियाना की हनुमंत कथा में क्या हुआ?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा लुधियाना में 26 से 30 सितंबर तक आयोजित हो रही है। इसी दौरान उनके भाषण का एक हिस्सा चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म और अंतरधार्मिक रिश्तों को लेकर टिप्पणी की।
मीडिया रिपोर्टों में शास्त्री के हवाले से बताया गया कि उन्होंने कहा, “भैया को भी सैंया बना लेते”, और इसके बाद यह भी कहा कि वह ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे, क्योंकि FIR हो सकती है। इसी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर विवाद शुरू हुआ।
शाही इमाम ने जताई आपत्ति
पंजाब के शाही इमाम मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि धार्मिक मंच से ऐसी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों।
उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से अपने कथित विवादित शब्द वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है। शाही इमाम ने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर वह पंजाब पुलिस से शिकायत करने और कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
‘धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए’
शाही इमाम ने लुधियाना की सामाजिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया और कहा कि शहर में अलग-अलग समुदायों के बीच भाईचारे की परंपरा रही है। उनके मुताबिक धार्मिक आयोजनों में वक्ताओं को अपनी बात रखते समय दूसरे धर्मों की भावनाओं और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
हालांकि, शाही इमाम द्वारा लगाए गए आपत्तिजनक टिप्पणी और धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप उनकी प्रतिक्रिया हैं। टिप्पणी का कानूनी तौर पर कोई अपराध बनता है या नहीं, यह संबंधित शिकायत और जांच की प्रक्रिया में तय होगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने क्या सफाई दी?
विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कहा गया है कि वह किसी धर्म, मजहब या परंपरा के खिलाफ नहीं हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य उन रूढ़िवादी विचारों का विरोध करना है, जिनके बारे में उनका मानना है कि उनसे सामाजिक अराजकता, धर्मांतरण या सामाजिक तनाव बढ़ता है।
उन्होंने अपने उद्देश्य को ‘जगो और जगाओ’ के रूप में बताया है।
ईसाई संगठन ने भी जताई नाराजगी
इस विवाद में क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन के अध्यक्ष अल्बर्ट दुआ का नाम भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने भी धीरेंद्र शास्त्री की कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और सार्वजनिक मंचों से बयान देते समय संयम बरतने की बात कही।
रिपोर्टों में बताया गया है कि शास्त्री की कथा के दौरान धर्मांतरण, नशे और धार्मिक पहचान जैसे मुद्दे भी उनके संबोधनों का हिस्सा रहे हैं। इन्हीं बयानों के अलग-अलग हिस्सों को लेकर विवाद सामने आया है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल शाही इमाम की ओर से माफी की मांग और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी सामने आई है। वहीं धीरेंद्र शास्त्री की ओर से किसी धर्म के खिलाफ होने से इनकार करते हुए अपने बयान का उद्देश्य स्पष्ट किया गया है।
अगर शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस संबंधित बयान, उसका पूरा संदर्भ और उपलब्ध वीडियो या अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। फिलहाल मामले में कोई अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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