“मेरी मोदी कथा” : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी की कार्यशैली का किया खुलासा, वाराणसी की रात का संस्मरण साझा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए एक अनूठी घटना का वर्णन किया है, जिसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी एक खास याद को साझा करते हुए, सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की बारीकियों को अत्यंत करीब से अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हर मुलाकात उनके लिए अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रेम के नवीन पाठ सीखने का अवसर होती है। इसी संदर्भ में, उन्होंने वाराणसी के एक विशेष प्रसंग का जिक्र किया, जिसने उनके हृदय पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
रात के सन्नाटे में विकास का जायजा: पीएम मोदी की अथक लगन का अनूठा उदाहरण
अपने संस्मरण में, मुख्यमंत्री धामी ने वाराणसी की एक घटना का हृदयस्पर्शी वर्णन करते हुए बताया कि बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक देर रात एक बजे संपन्न हुई थी। सभी प्रतिभागी थकावट महसूस कर रहे थे। ऐसे में, प्रधानमंत्री जी एक मुस्कान के साथ बोले, “अभी एक जरूरी काम बाकी है।” उनकी इस बात पर सभी एक-दूसरे को देखने लगे, मन में जिज्ञासा थी कि इस रात्रि में और क्या शेष रह गया होगा। प्रधानमंत्री जी ने अत्यंत सहजता से समझाया, “मेरे लोकसभा क्षेत्र में दिन में निरीक्षण करने से आम नागरिकों को असुविधा होती है। इसीलिए, मैं रात के अंधेरे में ही विकास कार्यों का अवलोकन करने निकलूँगा।”
इसके पश्चात, रात्रि की गहरी खामोशी में, जब संपूर्ण शहर निद्रा में डूबा हुआ था, प्रधानमंत्री जी स्वयं सड़कों पर उतर आए। उन्होंने एक-एक परियोजना का बारीकी से जायजा लिया, प्रत्येक विवरण पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखी। समय बीतता गया, रात के तीन बज गए, फिर चार बज गए। तब जाकर प्रधानमंत्री जी अपने कक्ष में लौटे।
अलौकिक ऊर्जा का स्रोत: रात की थकान को मात देती सेवा की भावना
मुख्यमंत्री धामी ने इस घटना के सबसे अद्भुत पल को रेखांकित करते हुए लिखा कि अगली सुबह ठीक नौ बजे, जब बैठक आरंभ हुई, तब प्रधानमंत्री जी पूरी ऊर्जा, वही तेज दृष्टि और वही अडिग एकाग्रता के साथ सबके सामने उपस्थित थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उन्होंने रात में विश्राम नहीं, बल्कि देश सेवा से ऊर्जा अर्जित की हो। उन्हें इस अवस्था में देखकर सभी के मन में एक ही विचार कौंधा: “यही है सच्चा नेतृत्व।”
मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि इस असाधारण अनुशासन और अटूट समर्पण ने सभी के हृदयों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रधानमंत्री मोदी जी का जीवन इस सत्य का जीवंत प्रमाण है कि सच्चा नेतृत्व केवल उपदेश देने में नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने में निहित है। मुख्यमंत्री धामी ने वाराणसी की इस ऐतिहासिक घटना को व्यापक जनसमूह के साथ साझा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकारें विकास के कार्यों में निरंतर अग्रसर हैं। यह भी स्पष्ट किया कि विकास को लेकर प्रधानमंत्री मोदी जी का दृष्टिकोण अत्यंत स्पष्ट और दूरदर्शी है।
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