नेपाल में नए मंत्रियों का उदय: देश के भविष्य की ओर एक कदम
सोमवार का दिन नेपाल के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि देश की अंतरिम सरकार में तीन नए चेहरों ने पदभार संभाला। इनमें बिजली बोर्ड के पूर्व दिग्गज कुलमन घीसिंग भी शामिल हैं, जो अब देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की गरिमामयी उपस्थिति में, राष्ट्रपति कार्यालय शीतल निवास में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के निशान अभी भी ताजा थे, लेकिन इस अवसर पर एक तंबू के नीचे शपथ ग्रहण हुआ, जो विपरीत परिस्थितियों में भी व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली इस मंत्रिमंडल में अब चार सदस्य हैं। इनका मुख्य लक्ष्य छह महीने के भीतर संसदीय चुनाव कराना है, जो देश को एक स्थिर राजनीतिक दिशा प्रदान करेगा।
पिछले मंगलवार को, प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया था, जिससे एक राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया था। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जेन जेड’ समूह के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने स्थिति को और जटिल बना दिया था। हालांकि, 12 सितंबर को कार्की के शपथ ग्रहण के साथ ही इस अनिश्चितता का अंत हुआ।
कुलमन घीसिंग, जो अब ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई; भौतिक अवसंरचना एवं परिवहन; और शहरी विकास जैसे तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभालेंगे, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में अपने अनुभव का उपयोग करेंगे। वहीं, पूर्व वित्त सचिव रामेश्वर खनल को वित्त मंत्री बनाया गया है, जो देश की आर्थिक नीतियों को आकार देंगे।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में ‘जेन-जेड’ वार्ता में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख वकील ओम प्रकाश आर्यल, गृह और विधि, न्याय एवं संसदीय कार्य मंत्री के रूप में शपथ ली है।
शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, सभी नए मंत्रियों ने अपने-अपने पदभार ग्रहण कर लिए, जो देश के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद और तत्परता का संकेत देता है।
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