सड़क पर जल्द दौड़ेंगी फोर्स मोटर्स की इलेक्ट्रिक गाड़ियां! ट्रैवलर का ई-वर्जन लाने की तैयारी, एम्बुलेंस भी होगी शामिल
नयी दिल्ली, सात नवंबर—वाहन निर्माता फोर्स मोटर्स अगले साल यानी 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही में अपने लोकप्रिय ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में उतारने की योजना बना रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह रोमांचक जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन नए ई-वाहनों में इलेक्ट्रिक एंबुलेंस भी शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक खास बातचीत में खुलासा किया कि ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित इलेक्ट्रिक वाहन अब पूरी तरह तैयार हैं और फिलहाल उनके अंतिम परीक्षण तथा नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अगले कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित अपने इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने की योजना बना रहे हैं।’’ फिरोदिया ने आगे बताया, ‘‘ट्रैवलर के इलेक्ट्रिक मॉडल फिलहाल नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। इन्हें पहले ही विकसित किया जा चुका है। भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) में इनकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है और अंतिम परीक्षण भी किए जा रहे हैं।’’ आपको बता दें कि फोर्स मोटर्स ने साल 2024 के ऑटो एक्सपो में ट्रैवलर के इलेक्ट्रिक संस्करण की झलक दिखाई थी, लेकिन अभी तक इसकी व्यावसायिक बिक्री शुरू नहीं की है।
कंपनी की भविष्य की रणनीतियों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रैवलर के कई इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च करने के बाद, कंपनी की योजना अपनी प्रीमियम यात्री वाहन श्रेणी की गाड़ी ‘अर्बानिया’ का इलेक्ट्रिक संस्करण लाने की है। फिरोदिया ने जानकारी दी कि अर्बानिया इलेक्ट्रिक मॉडल का विकास कार्य अभी जारी है और इसे नियामकीय मंजूरी मिलने में अभी कुछ महीने का समय और लगेगा। इसके अलावा, कंपनी चरणबद्ध तरीके से अपने अन्य वाहन प्लेटफॉर्म को भी इलेक्ट्रिक अवतार में ढालने की योजना पर काम कर रही है।
बाजार के रुख पर चर्चा करते हुए उन्होंने माना कि यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों, विशेषकर सात मीटर से कम लंबाई वाले सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रक्रिया अभी अपनी शुरुआती अवस्था में है, हालांकि इसमें आने वाले समय में धीरे-धीरे तेजी आएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन आर्थिक रूप से फायदेमंद होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, एक बार चार्ज करने पर सीमित दूरी तय कर पाने की क्षमता और चार्जिंग के बुनियादी ढांचे की कमी भी अलग-अलग रूटों पर चलने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए आज भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
फिरोदिया ने बाजार की रफ्तार पर बात करते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमारे क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव उतनी तेजी से होगा, जितना यात्री कारों, दोपहिया या फिर तिपहिया वाहनों के सेगमेंट में देखने को मिला है। हमारे क्षेत्र में भी यह बदलाव जरूर आएगा, लेकिन इसकी रफ्तार तुलनात्मक रूप से थोड़ी धीमी रहेगी।’’
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


