भारत की वैश्विक उड़ान: असाधारण को साधारण से जोड़ते हुए – श्री मोदी की ऐतिहासिक यात्रा

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
भारत की वैश्विक उड़ान: असाधारण को साधारण से जोड़ते हुए - श्री मोदी की ऐतिहासिक यात्रा
from ordinary to extraordinary rss calls pm modi visit a symbol of india global rise

आरएसएस(RSS) ने किया पीएम मोदी का अभिनंदन: ‘विश्वगुरु’ भारत के उदय पर गर्व

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, देश के परिवर्तनकारी नेतृत्व की जमकर सराहना की है। आरएसएस ने अपने मुखपत्र ‘ऑर्गनाइज़र’ के माध्यम से एक प्रभावशाली लेख प्रकाशित किया है, जिसमें प्रधानमंत्री को एक ऐसी असाधारण हस्ती के रूप में रेखांकित किया गया है, जिन्होंने भारत को उसकी प्राचीन जड़ों और गौरव से जोड़ते हुए, एक आत्मविश्वास से भरे ‘विश्वगुरु’ के रूप में विश्व मंच पर स्थापित किया है।

परिवर्तन की ‘हीरक जयंती’ यात्रा

आरएसएस के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की ‘हीरक जयंती यात्रा’ सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत के कायापलट का एक सशक्त प्रमाण है। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि कैसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारत ने भ्रष्टाचार, अनिर्णय और दूरदर्शिता की कमी से ग्रस्त राष्ट्र की छवि को पीछे छोड़ते हुए, आज एक आत्मविश्वासी और सम्मानित ‘विश्वगुरु’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यह परिवर्तन उसी प्राचीन सभ्यता की जड़ों से पोषित है, जिस पर आज विश्व को गर्व है।

आध्यात्मिक भूमि का प्रभाव और ‘जगत गुरु’ की परिकल्पना

आरएसएस ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान, आध्यात्मिक रूप से समृद्ध वडनगर का उल्लेख करते हुए, स्वामी विवेकानंद के विचारों के प्रभाव को रेखांकित किया है। इन दोनों तत्वों के संगम से यह परिकल्पना साकार हुई है कि भारत को ‘जगत गुरु’ बनना ही था। प्रधानमंत्री ने एक ऐसे राष्ट्र का सपना देखा है, जो अपनी परंपराओं में गहरा हो, लेकिन साथ ही आधुनिक आकांक्षाओं को भी पूरा करे।

वैश्विक मंच पर भारत का नया कद

विदेशों में प्रधानमंत्री की यात्राओं और प्रवासी कार्यक्रमों ने भारत के नए गौरव को हर जगह प्रदर्शित किया है। उनकी ‘गले लगाने की कूटनीति’ और सभी के साथ समान व्यवहार ने न केवल भारत की शक्ति को संचारित किया है, बल्कि जी20, ब्रिक्स, एससीओ, क्वाड जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी भारत को एक ऐसी वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है, जो किसी भी शुल्क, प्रतिबंध या धमकी से विचलित नहीं होती।

संघ की प्रेरणा और जीवन के सिद्धांत

लेख में प्रधानमंत्री मोदी की 17 वर्ष की आयु में हुई दो साल की आध्यात्मिक यात्रा का भी उल्लेख किया गया है। हिमालय की यात्रा, रामकृष्ण मिशन, विभिन्न बौद्ध केंद्रों और आश्रमों का दौरा, और इन सबसे प्रेरणा लेकर आरएसएस में शामिल होने के बाद, बालासाहेब देवरस, रज्जू भैया, एकनाथ रानाडे, अनंतराव काले और के.के. शास्त्री जी जैसे संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मिले मार्गदर्शन को प्रमुखता दी गई है। मोरबी बांध आपदा के दौरान देवरस से संकट प्रबंधन की सीख, शास्त्री जी से ‘बिना अपेक्षा के निरंतर कार्य’ का कर्मयोगी आदर्श, और दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ से प्रेरणा, इन सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को आकार दिया है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *