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विवरण: बीते शुक्रवार को झाबुआ के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में आयोजित मेले में हुए हादसे पर विशेष रिपोर्ट।
झाबुआ मेले में भगदड़: तेज गति से घूम रहा झूला टूटा, 15 बच्चे घायल
भोपाल/झाबुआ (लक्ष्मीनारायण मालवीय)।
झाबुआ जिले के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर चल रहे मेले में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अवैध और जर्जर झूला अचानक टूटकर जमीन पर आ गिरा। स्कूली बच्चों से भरे इस झूले के गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में करीब 15 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की विस्तृत कहानी
आँखों देखी घटना के मुताबिक, मेले में झूला तेज गति से घूम रहा था और बच्चे इसका आनंद ले रहे थे। इसी बीच, झूले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अचानक टूट गया और तेज गति के चलते पूरा ढांचा सीधे जमीन पर जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि बच्चे हवा में लटके हुए झूले से नीचे गिर गए।
स्थिति को भांपते ही मेले में भगदड़ मच गई। अभिभावक और आसपास के लोग बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। घायल बच्चों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि सभी घायल बच्चे अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
अभिभावकों में गुस्सा और प्रशासनिक हरकत
हादसे के तुरंत बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने मेला संचालकों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्थानीय लोगों का तर्क है कि झूलों की कोई तकनीकी जांच नहीं की गई थी और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, जिसके चलते यह दुर्घटना घटी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आ गया। झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और एसडीएम तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायल बच्चों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साफ कहा कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
कलेक्टर नेहा मीना ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि मेले को अनुमति किस आधार पर दी गई थी, क्या झूलों की सुरक्षा जांच हुई थी और हादसे के लिए सीधे तौर पर कौन जिम्मेदार है।
गौरतलब है कि यह मेला 1 जनवरी से उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में संचालित हो रहा था। लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि मेला आयोजन की अनुमति किसने दी और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि यदि जांच में मेला संचालकों या संबंधित अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल एहतियातन झूले को बंद करा दिया गया है और मेले की अन्य गतिविधियों पर भी निगाह रखी जा रही है।
English Summary
Jhabua Mela Jhula Hadsa School Bachche Ghayal Magistrate Janch
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