बंगाल में भूचाल: नगर निकाय भर्ती घोटाले में मंत्री सुजीत बोस के ठिकानों पर ईडी का शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में एक बड़े नगर निकाय भर्ती घोटाले के तार जोड़ते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के मंत्री सुजीत बोस के कोलकाता स्थित साल्ट लेक कार्यालय और दक्षिण दंडम नगर पालिका के उपाध्यक्ष निताई दत्ता के आवास पर जोरदार छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित तौर पर 240 से 250 लोगों की “बेईमानी से” की गई भर्ती से जुड़े एक गंभीर मामले में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुजीत बोस 2010 से 2021 तक “दक्षिण भारतीय सरकार” के उपाध्यक्ष के पद पर आसीन थे।
छापेमारी का सिलसिला जारी, मंत्री के कार्यालय पर दूसरी बार कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने इस मामले में मंत्री के कार्यालय पर दस्तक दी है। यह दूसरी बार है जब केंद्रीय एजेंसी ने इस जांच के सिलसिले में मंत्री के कार्यालय को निशाना बनाया है। तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक इन नवीनतम छापों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण हलचल मचाने के संकेत दे रहा है।
भ्रष्टाचार के दस्तावेजों की तलाश में ईडी
एक वरिष्ठ ईडी अधिकारी ने ‘पीटीआई-को बताया कि आज की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों को इकट्ठा करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंत्री का कार्यालय शुरू में उनकी सूची में शामिल नहीं था, जो बताता है कि जांच के दौरान बोस की संपत्ति को बाद में इस अभियान में जोड़ा गया।
जनवरी में भी हुई थी मंत्री से पूछताछ
इससे पहले, इसी भर्ती अनियमितता मामले में जनवरी 2024 में ईडी ने सुजीत बोस के आवास पर छापा मारा था और उनसे 12 घंटे से अधिक समय तक लंबी पूछताछ की थी। यह वर्तमान कार्रवाई नागरिक निकाय की भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर हुए भ्रष्ट आचरण से संबंधित साक्ष्य जुटाने पर केंद्रित है।
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