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सिंधिया का पूर्वोत्तर दौरा: विकास और विरासत की रंगीन जमीन पर नई इबारत लिखने की तैयारी
23 से 25 जनवरी 2026 की तारीखें पूर्वोत्तर भारत के विकास पथ पर एक नया अध्याय जोड़ने के लिए तैयार हैं। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने तीन दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा और असम का रुख करेंगे, जहाँ वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा केवल एक औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि संसाधनों से परिपूर्ण इस क्षेत्र की छिपी हुई संभावनाओं को नई ऊर्जा और दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल होगी।
23 जनवरी: अगरतला में विकास के नए द्वार खुलेंगे
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के दौरे की शुरुआत 23 जनवरी को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से होगी। यहाँ पहुँचने के बाद वे सबसे पहले रवीन्द्र सताबार्षिकी भवन, इंद्रनगर में आयोजित एक विशेष समारोह में शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा, जो क्षेत्र के समग्र विकास की रूपरेखा तय करेंगी।
इसके पश्चात, उनकी यात्रा स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन पर केंद्रित होगी। सिंधिया अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) विंग और अगरतला सरकारी डेंटल कॉलेज का दौरा करेंगे, जो राज्य में बेहतर चिकित्सा अवसंरचना के निर्माण का प्रतीक हैं। दिन के अंत में, वे आध्यात्मिक उन्नयन के लिए त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ (माताबाड़ी मंदिर) में पूजन-अर्चन करेंगे।
24 जनवरी: उत्तर त्रिपुरा में अगरवुड की सुगंध से मिलेगी नई पहचान
दौरे के दूसरे दिन यानी 24 जनवरी को सिंधिया उत्तर त्रिपुरा जिले के कदमतला पहुँचेंगे। यहाँ उनका मुख्य आकर्षण होगा ₹78.53 करोड़ की लागत से स्थापित अगरवुड (अगर) परियोजनाओं का उद्घाटन। ज्ञातव्य है कि त्रिपुरा अगरवुड के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, और इन परियोजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर वे उनाकोटी विरासत स्थल का भी भ्रमण करेंगे, जो त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रमाण है।
25 जनवरी: पर्यटन और बांस उद्योग को मिलेगी नई गति
तीन दिवसीय यात्रा के समापन दिवस 25 जनवरी को, सिंधिया डुम्बुर में माताबाड़ी पर्यटन परिपथ परियोजना का शुभारंभ करेंगे। यह ₹276.78 करोड़ की लागत वाली परियोजना त्रिपुरा में पर्यटन के नए द्वार खोलेगी और सांस्कृतिक-पर्यटन की संभावनाओं को एक नई गति प्रदान करेगी।
इसके बाद, सिंधिया गुवाहाटी, असम के लिए प्रस्थान करेंगे। वहाँ, वे बांस परियोजनाओं से जुड़े शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जो क्षेत्र में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, वे गुवाहाटी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रतिदिन अचीवर अवॉर्ड्स, 2026’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो प्रतिभाओं को सम्मानित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
निष्कर्ष: एक समावेशी और सशक्त पूर्वोत्तर की ओर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह दौरा विकास, विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम है। स्वास्थ्य, पर्यटन, और स्थानीय संसाधनों (अगरवुड और बांस) के सशक्त उपयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह यात्रा पूर्वोत्तर के समग्र विकास और रोजगार सृजन की संभावनाओं को नई ऊर्जा देगी। यह दौरा निश्चित रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक नई पहचान और गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
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