कोलकाता पर कुदरत का कहर: मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 7 की मौत
कोलकाता शहर इस वक्त मानो प्रकृति के रौद्र रूप का सामना कर रहा है। सोमवार की पूरी रात आसमान से आफत बरसती रही, जिसकी वजह से मंगलवार को शहर के कई हिस्से घुटनों से कमर तक पानी में डूब गए। सड़कों पर लबालब भरे पानी ने जनजीवन को मानो थाम सा दिया है। इस भयावह मंजर के बीच, बिजली का करंट लगने से कम से कम सात लोगों की दुखद मौत हो गई, जिसने मातम का माहौल बना दिया है।
भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। यातायात, सार्वजनिक परिवहन और ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बारिश को ‘अभूतपूर्व’ करार दिया है। उन्होंने फरक्का बैराज से गाद न निकालने और निजी बिजली कंपनी सीईएससी की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा के लिए घरों में ही रहने की अपील की है।
रातभर की बारिश से हाहाकार, दुर्गा पूजा पर भी छाया संकट
बंगाल के कई इलाकों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने कोलकाता में सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बेमौसम बरसात का असर सूबे के सबसे बड़े त्योहार, दुर्गा पूजा पर भी पड़ रहा है। पंडालों के निर्माण कार्य ठप्प पड़ गए हैं, जिससे आयोजकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कई इलाकों में मकानें जलमग्न हैं, जिससे लोग परेशान हैं। उन्होंने पूजा पंडालों की दुर्दशा पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है, और दफ्तर जाने वाले लोगों को आज और कल घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री लगातार महापौर, मुख्य सचिव और पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हैं, और राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं।
करंट से सात की मौत पर सीएम का गहरा दुख, बिजली कंपनी पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारी बारिश के कारण हुए सात लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैंने ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी।’ उन्होंने बादल फटने से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना है कि खुले तारों से करंट लगने से सात-आठ लोगों की मौत हो गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके परिवारों को सीईएससी द्वारा नौकरी दी जानी चाहिए। मैं यह स्पष्ट रूप से कह रही हूं। हम भी हरसंभव मदद करेंगे।’
मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनी सीईएससी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘बिजली की आपूर्ति सीईएससी की ओर से की जाती है, न कि हमारे द्वारा। यह सुनिश्चित करना उनका कर्तव्य है कि लोगों को इससे परेशानी न हो। वे यहां व्यापार करेंगे, लेकिन आधुनिकीकरण नहीं करेंगे? उन्हें लोगों को भेजकर इसे ठीक करना चाहिए।’
शहर में जलभराव, कोलकाता नगर निगम की टीम जुटी
कोलकाता के महापौर और राज्य के शहरी विकास मंत्री, फिरहाद हाकिम ने बताया कि शहर में अलग-अलग जगहों पर करंट लगने से अब तक चार लोगों की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में आधिकारिक तौर पर सात मौतों की पुष्टि की गई। हाकिम ने स्वीकार किया कि शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया है और कोलकाता नगर निगम (KMC) की टीम चौबीसों घंटे पानी निकालने के लिए जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि केएमसी अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन नहरें और नदियां पहले से ही लबालब भरी हुई हैं, और पानी निकालने पर भी शहर में फिर से पानी घुस रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रात 10 बजे तक स्थिति में सुधार हो सकता है।
हालत बदतर, कई इलाकों में कमर तक पानी
भारी बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। मंगलवार को मुख्य सड़कों पर वाहन फंसे रहे, और यात्रियों को कमर तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। ब्लू लाइन के एक लंबे हिस्से पर मेट्रो सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। पार्क सर्कस, गरियाहाट, बेहाला और कॉलेज स्ट्रीट जैसे प्रमुख चौराहों पर घुटने से कमर तक पानी जमा हो गया, जिससे यातायात घंटों तक जाम रहा। ईएम बाईपास, एजेसी बोस रोड और सेंट्रल एवेन्यू पर लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। वहीं, दक्षिण और मध्य कोलकाता की कई छोटी गलियों में कमर तक पानी भर जाने से आवाजाही पूरी तरह ठप्प हो गई।
स्कूलों में छुट्टी, दुर्गा पूजा की खुशियों पर बारिश का ग्रहण
भारी बारिश और सड़कों पर जलभराव के चलते कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है। कलकत्ता विश्वविद्यालय और जादवपुर विश्वविद्यालय ने भी दिन भर के लिए सभी शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दीं। पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा की छुट्टियों को दो दिन पहले ही बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा करंट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए जलभराव वाली सड़कों से दूर रहने की अपील और स्कूलों में छुट्टियां करने या ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के निर्देश के बाद, राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने घोषणा की कि सभी सरकारी शिक्षण संस्थान 24 और 25 सितंबर को बंद रहेंगे।
मौसम विभाग की चेतावनी, अगले कुछ दिन भी राहत के आसार नहीं
कोलकाता नगर निगम (KMC) के अनुसार, शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रही। गरिया कामदहारी में कुछ ही घंटों में 332 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, तोपसिया में 275 मिमी, और बल्लीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तरी कोलकाता के थंटानिया में 195 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बुधवार तक दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने यह भी कहा कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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