बिहार में ऐतिहासिक जीत का शंखनाद: चिराग पासवान का ऐलान, मोदी की मौजूदगी में भव्य होगा शपथ ग्रहण समारोह
पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में एक भव्य आयोजन का रूप लेगा। यह घोषणा न केवल एनडीए की ऐतिहासिक जीत के उत्साह को दर्शाती है, बल्कि आने वाले चुनावों में भाजपा की अजेयता का भी संकेत देती है।
नीतीश कुमार का नेतृत्व, एनडीए की प्रचंड विजय:
पासवान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम जैसे राज्यों में आगामी चुनावों में विपक्षी दलों का पूरी तरह सफाया कर देगी। उन्होंने कहा, “एनडीए ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है और बिहार की जनता ने एनडीए में अपना अटूट विश्वास जताया है। यह जीत जितनी भव्य है, हमारा शपथ ग्रहण समारोह भी उतना ही शानदार होगा, जिसमें स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।”
गठबंधन की एकजुटता और जनता का भरोसा:
गठबंधन पर गहरा भरोसा जताते हुए, पासवान ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चुनावों में भी भाजपा को भारी जीत मिलेगी। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यह जीत जितनी बड़ी है, उतनी ही बड़ी हमारी ज़िम्मेदारी भी है। उन्होंने (महागठबंधन) वोट चोरी की बात करके बिहार में अपनी पार्टी को खत्म कर दिया और अब पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में भी उनका सफाया निश्चित है।”
इस बीच, बुधवार को पटना स्थित अपने आवास पर हुई जनता दल (यूनाइटेड) विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी को बिहार में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया, जबकि विजय सिन्हा को उपनेता के पद से नवाजा गया। इन नियुक्तियों के बाद, नीतीश कुमार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का नेता चुना जाना तय है, जिसके उपरांत 20 नवंबर को भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
2025 के चुनाव परिणाम: एक नया कीर्तिमान:
एनडीए ने 2025 के बिहार चुनावों में 243 में से 202 सीटों पर विजय प्राप्त कर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट कर रह गया। इस गठबंधन ने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया है। यह दूसरी बार है जब एनडीए ने राज्य चुनावों में 200 सीटों का आंकड़ा पार किया है; इससे पहले 2010 में, इसने 206 सीटें जीती थीं।
ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत: जनता की भागीदारी का प्रमाण:
बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में संपन्न हुए, जिसमें 1951 के बाद से सबसे अधिक, 67.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत बिहार की जनता की राजनीतिक भागीदारी और लोकतंत्र में उनके विश्वास का एक सशक्त प्रमाण है।
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