पाकिस्तान का चेहरा: महिलाओं का अपमान और संस्थाओं का पतन
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए लिखा, “यह आज का पाकिस्तान है – जहां महिलाओं के बुर्के की पवित्रता का भी उल्लंघन किया जाता है। हमारी बहनों का केवल इतना ही दोष था कि वे अपने भाई से मिलने आई थीं।” यह बयान पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है।
इस बीच, मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील जिबरान नासिर ने भी सोशल मीडिया पर चिंताजनक टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा, “हर अपराध के साथ, शोषण करने वाले खुद को ज्यादा से ज्यादा महफूज महसूस करते हैं। अपहरण, गिरफ्तारियां, छापे, सैन्य अदालती मुकदमे, धांधली वाले चुनाव, संशोधन- ये सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।” नासिर ने आगे कहा, “हर बार जब वे बिना किसी जवाबदेही के बच निकलते हैं, तो वे ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। हर बार जब नौकरशाही, मीडिया और न्यायपालिका विरोध करने के बजाय उनके साथ खड़ी होती हैं, तो उनका हौसला और बढ़ जाता है।”
यह दोनों बयान पाकिस्तान में व्याप्त गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों की ओर इशारा करते हैं, जहां महिलाओं की गरिमा पर हमला किया जा रहा है और संस्थागत जवाबदेही का अभाव शोषण को बढ़ावा दे रहा है।
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