नीतीश कुमार का ऐतिहासिक 10वीं बार राज्याभिषेक: बिहार में एनडीए का नया अध्याय
बिहार की राजनीति में एक बार फिर इतिहास रचा गया है। विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत के बाद, जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख, नीतीश कुमार, ने रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। 74 वर्षीय समाजवादी नेता, जिनकी राजनीतिक प्रासंगिकता पर हाल के दिनों में सवाल उठाए जा रहे थे, ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक भव्य समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने समारोह का संचालन किया।
इस नए अध्याय में एनडीए के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार सहित कुल 25 मंत्रियों ने शपथ ली। मंत्रिमंडल के गठन में जातीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है, जो बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 17 मंत्री पद मिले हैं, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष का पद भी शामिल है, जो वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को मिलने की संभावना है। जनता दल (यूनाइटेड) को 15 मंत्री पद मिले हैं, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं। वहीं, एलजेपी (रामविलास), एचएएम (सेक्युलर), और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को क्रमशः दो, एक और एक मंत्री पद दिया गया है। इस बंटवारे से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने खुद को ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रखा है।
नए मंत्रिमंडल में कई प्रमुख चेहरों ने शपथ ली है, जिनमें सम्राट चौधरी (भाजपा), विजय कुमार सिन्हा (भाजपा), विजय कुमार चौधरी (जद-यू), बिजेंद्र प्रसाद यादव (जद-यू), श्रवण कुमार (जद-यू), मंगल पांडे (भाजपा), दिलीप कुमार जयसवाल (भाजपा), अशोक चौधरी (जद-यू), लेसी सिंह (जेडी-यू), मदन सहनी (जेडी-यू), नितिन नबीन (बीजेपी), राम कृपाल यादव (बीजेपी), संतोष कुमार सुमन (एचएएम-एस), सुनील कुमार (जेडी-यू), मोहम्मद जमा खान (जेडी-यू), संजय सिंह टाइगर (बीजेपी), अरुण शंकर प्रसाद (बीजेपी), सुरेंद्र मेहता (बीजेपी), नारायण प्रसाद (बीजेपी), रमा निषाद (बीजेपी), लखेंद्र कुमार रौशन (बीजेपी), श्रेयशी सिंह (बीजेपी), प्रमोद कुमार (बीजेपी), संजय कुमार (एलजेपी-आरवी), संजय कुमार सिंह (एलजेपी-आरवी), और दीपक प्रकाश (आरएलएम) शामिल हैं।
इस 26 सदस्यीय मंत्रिमंडल में विविधता का भी ख्याल रखा गया है। 26 मंत्रियों में एक मुस्लिम, तीन महिलाएं और तीन पहली बार मंत्री बने नेताओं को शामिल किया गया है। सामाजिक समीकरणों की बात करें तो, 8 मंत्री अगड़ी जाति से हैं, जिनमें भाजपा के 5, जद-यू के 2 और एलजेपी-आर के 1 मंत्री शामिल हैं। इनमें भूमिहार (2), राजपूत (4), ब्राह्मण (1) और कायस्थ (1) समाज से मंत्री बनाए गए हैं। वहीं, ओबीसी-ईबीसी समुदाय से कुल 12 मंत्री हैं, जिनमें भाजपा कोटे से 8, जद-यू से 3 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) से 1 मंत्री शामिल हैं। दलित समुदाय से 5 मंत्री हैं, जिनमें बीजेपी कोटे से दो, जद-यू से एक, एलजेपी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) से एक-एक मंत्री शामिल हैं। यह मंत्रिमंडल बिहार के विविध सामाजिक ताने-बाने का प्रतिनिधित्व करता है और राज्य के विकास की दिशा में एक नए मार्ग का संकेत देता है।
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