घुसपैठ पर ओडिशा पुलिस का कड़ा प्रहार: पांच जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी, संदिग्धों पर नकेल कसने की तैयारी
ओडिशा में घुसपैठ के खिलाफ पुलिस ने कमर कस ली है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य के पांच जिलों में बहु-आयामी और समन्वित छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है, जो घुसपैठियों पर निर्णायक कार्रवाई का संकेत दे रहा है।
यह अभियान जगतसिंहपुर जिले में उस घटना के बाद शुरू हुआ, जहाँ कथित तौर पर संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह देने वाले एक मकान को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई ने राज्य में घुसपैठ के खिलाफ एक मजबूत संदेश भेजा है।
यह महत्वपूर्ण कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा क्योंझर में आहूत 12 घंटे के बंद ने राज्य के जनजीवन को प्रभावित किया है। विहिप की मांग स्पष्ट है: संदिग्ध घुसपैठियों को तत्काल राज्य से बाहर निकाला जाए।
राज्य के कानून मंत्री, पृथ्वीराज हरिचंदन ने इस मामले पर स्पष्टता लाते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप, ओडिशा सरकार प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने दृढ़ता से कहा, "हम कानूनी कार्रवाई करेंगे और अवैध रूप से रह रहे सभी लोगों को बाहर निकालेंगे।"
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को केन्द्रपाड़ा, भद्रक, क्योंझर और पुरी जिलों में भी छापेमारी की गई। भद्रक में 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि जगतसिंहपुर में, सोमवार को ध्वस्त किए गए मकान से एक पिस्तौल सहित हथियार बरामद होने के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई अन्य से पूछताछ की जा रही है। यह व्यापक अभियान राज्य को घुसपैठियों से मुक्त कराने की ओडिशा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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