रॉबर्ट वाड्रा पर ईडी का शिकंजा: लंदन प्रॉपर्टी के नवीनीकरण पर नया आरोपपत्र
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के एक बड़े मामले में व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ एक नया आरोपपत्र दायर कर हलचल मचा दी है। यह मामला ब्रिटेन स्थित रक्षा डीलर संजय भंडारी से जुड़ा है, और वाड्रा पर लंदन में संपत्ति के नवीनीकरण के लिए धन मुहैया कराने का आरोप है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति वाड्रा पहले से ही तीन अलग-अलग धन शोधन मामलों में ईडी की जांच के दायरे में हैं, जिनमें हरियाणा और राजस्थान में भूमि सौदों में कथित अनियमितताएं शामिल हैं।
लंदन प्रॉपर्टी का राज और वाड्रा का इंकार
ईडी के 2023 के आरोपपत्र के अनुसार, संजय भंडारी ने 2009 में लंदन के 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर में एक संपत्ति खरीदी थी। आरोप है कि इस संपत्ति का नवीनीकरण रॉबर्ट वाड्रा के निर्देश पर किया गया और इसके लिए धन भी वाड्रा ने ही उपलब्ध कराया। हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने लंदन में किसी भी संपत्ति के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष स्वामित्व से इनकार किया है और इन आरोपों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है। वाड्रा का कहना है कि उन्हें राजनीतिक उद्देश्यों के लिए “परेशान और परेशान” किया जा रहा है।
भूमि सौदों में भी फंसी ईडी की जांच
यह नया आरोपपत्र ऐसे समय में आया है जब वाड्रा पहले से ही हरियाणा और राजस्थान में भूमि सौदों से जुड़े दो अन्य धन शोधन मामलों में ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। अप्रैल में, 2008 के हरियाणा भूमि सौदे के सिलसिले में उनसे लगातार तीन दिनों तक पूछताछ की गई थी। राजस्थान के बीकानेर में भी एक भूमि सौदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मामला चल रहा है।
भगोड़ा डीलर संजय भंडारी और प्रत्यर्पण की जटिलताएं
इस मामले का मुख्य किरदार, 63 वर्षीय संजय भंडारी, 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद भारत से भाग गया था। दिल्ली की एक अदालत ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी भी घोषित किया था। हालांकि, प्रत्यर्पण मामले में भंडारी को बरी कर दिया गया था, और ब्रिटेन की एक अदालत ने भारत की ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की याचिका को भी खारिज कर दिया था। इससे भारत में कानूनी कार्यवाही का सामना करने के लिए उनके लौटने की संभावना काफी कम हो गई है।
राजनीतिक बयानों का तांता
इस बीच, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ‘कट्टा’ जैसे शब्दों का प्रयोग इस गरिमा को गिरा रहा है। वहीं, बिहार को लेकर उनका एक बड़ा दावा भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर निष्पक्ष चुनाव हुए तो NDA सत्ता से बाहर हो जाएगा। यह आरोपपत्र और वाड्रा से जुड़े मामले राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस का विषय बने हुए हैं।
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