रोहित पवार का सनसनीखेज दावा: “हादसे से 24 घंटे पहले ही मुझे पता था…” – प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किए चौंकाने वाले सबूत, क्या यह साजिश थी?
महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया है कि अजित पवार के साथ हुए हादसे की जानकारी उन्हें एक दिन पहले ही मिल गई थी। उन्होंने मीडिया के सामने वो ‘चिट्ठी’ और ‘कॉल रिकॉर्डिंग’ पेश की है, जो उन्होंने हादसे से ठीक 24 घंटे पहले गृह मंत्रालय को भेजी थी।
1. “हादसे से एक दिन पहले लिखी थी चिट्ठी”
रोहित पवार ने मीडिया के सामने एक गोपनीय पत्र (Confidential Letter) लहराया।
- तारीख: यह पत्र हादसे से ठीक एक दिन पहले यानी 14 फरवरी 2026 की तारीख का है।
- किसे भेजा गया: यह पत्र राज्य के गृह मंत्री और डीजीपी (DGP) को संबोधित था।
- कंटेंट: पत्र में साफ लिखा था—“विश्वस्त सूत्रों से खबर मिली है कि अजित दादा की सुरक्षा में बड़ी चूक होने वाली है और उनके विमान/हेलीकॉप्टर के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। उनकी सुरक्षा तुरंत बढ़ाई जाए।”
रोहित पवार ने सवाल दागा-“जब मैंने 24 घंटे पहले ही सरकार को चेता दिया था, तो सुरक्षा एजेंसियों ने जांच क्यों नहीं की? क्या वे इस हादसे का इंतजार कर रहे थे?”
2. कॉल रिकॉर्डिंग का ‘बम’ (The Audio Proof)
सिर्फ चिट्ठी ही नहीं, रोहित पवार ने एक ऑडियो क्लिप भी जारी की।
- इस क्लिप में कथित तौर पर एक विमानन इंजीनियर (Aviation Engineer) और एक अज्ञात व्यक्ति के बीच बातचीत है।
- बातचीत का अंश: “काम हो गया है, टेकऑफ के 15 मिनट बाद फ्यूल लाइन में दिक्कत आ जाएगी…”
- रोहित पवार का दावा है कि यह रिकॉर्डिंग उन्हें पार्टी के एक कार्यकर्ता ने भेजी थी, जिसे उन्होंने पुलिस को भी सौंप दिया था।
3. इशारा किसकी तरफ? (Who is the Target?)
रोहित पवार ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा ‘राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों’ और ‘सत्ता पक्ष के ही कुछ लोगों’ की तरफ था।
उन्होंने कहा, “अजित दादा भले ही हमसे अलग हो गए हों, लेकिन वे मेरे चाचा हैं। कुछ लोग नहीं चाहते कि वे मराठा राजनीति में और आगे बढ़ें। यह हादसा नहीं, यह रास्ते से हटाने की साजिश (Assassination Plot) है।”
4. सरकार की प्रतिक्रिया: “राजनीतिक स्टंट”
सत्तारूढ़ गठबंधन (Mahayuti) ने रोहित पवार के आरोपों को खारिज कर दिया है।
- भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “रोहित पवार सहानुभूति बटोरने के लिए लाशों पर राजनीति कर रहे हैं। अगर उनके पास सबूत थे, तो वे मीडिया के पास पहले क्यों नहीं आए? यह जांच को भटकाने की कोशिश है।”
संपादक की राय (Analysis)
“रोहित पवार द्वारा पेश किए गए सबूत अगर असली हैं, तो यह महाराष्ट्र के इतिहास का सबसे बड़ा ‘सिक्योरिटी स्कैंडल’ साबित हो सकता है। एक डिप्टी सीएम के विमान के साथ छेड़छाड़ की खबर अगर विपक्ष के पास थी और सरकार के पास नहीं, तो यह इंटेलिजेंस फेलियर (Intelligence Failure) है।
अब गेंद फॉरेंसिक लैब के पाले में है—क्या वाकई विमान में छेड़छाड़ हुई थी? या यह सिर्फ एक तकनीकी खराबी थी जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है? सच जो भी हो, महाराष्ट्र की राजनीति में अब ‘खूनी खेल’ की बू आ रही है।”
निष्कर्ष
अजित पवार अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं, और बाहर उनके नाम पर सियासी जंग शुरू हो चुकी है। रोहित पवार के खुलासे ने इस मामले को ‘हादसे’ से बदलकर ‘साजिश’ की श्रेणी में ला खड़ा किया है। आने वाले 48 घंटे जांच के लिहाज से बेहद अहम होंगे।
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