तमिलनाडु में त्रासदी: विजय की चुनावी रैली में भगदड़, 39 की मौत, 51 ICU में
तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख, अभिनेता से नेता बने विजय की चुनावी रैली एक दुखद हादसे में बदल गई। खचाखच भरी इस रैली में मची भगदड़ के कारण 16 महिलाओं और 10 बच्चों सहित कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई। भीड़ के बेकाबू होने और लोगों के बेहोश होने के कारण विजय को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने इसे राज्य के इतिहास में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हुई सबसे बड़ी जनहानि बताया और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। वर्तमान में, 51 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में उनका इलाज चल रहा है।
सरकारी सहायता और जांच
मुख्यमंत्री स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच के लिए, उन्होंने एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग के गठन का आदेश दिया है। जिला पुलिस ने टीवीके करूर के जिला सचिव मथियाझगन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एडीजीपी (कानून व्यवस्था) एस. डेविडसन देवसिरवथम ने पुष्टि की कि 39 लोगों की मौत हुई है और प्रारंभिक जांच की जाएगी।
रैली का उद्देश्य और तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों का प्रभाव
यह रैली 2 फरवरी 2024 को गठित टीवीके की राजनीतिक यात्रा का हिस्सा थी। 2026 के विधानसभा चुनावों में उतरने की घोषणा के साथ, विजय राज्य भर में रैलियां कर रहे हैं ताकि जनता को पार्टी के एजेंडे, विचारधारा और सुधार योजनाओं से अवगत कराया जा सके। उनका लक्ष्य खुद को सत्तारूढ़ डीएमके के प्रमुख विरोधी के रूप में स्थापित करना है। तमिलनाडु की राजनीति का इतिहास फिल्मी दुनिया से आए कई बड़े चेहरों से भरा है, जिनमें शिवाजी गणेशन, एम.जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता, विजयकांत, कमल हासन, रजनीकांत (सक्रिय राजनीति से दूर) और एस.एस. राजेंद्रन शामिल हैं। अब विजय ‘थलापति’ के नाम से इस सूची में नया नाम जोड़ रहे हैं।
भगदड़ की जांच के लिए आयोग गठित
चश्मदीदों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज किए जाने के बाद भगदड़ मच गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इस घटना की गहन जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में आयोग गठित किया गया है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कई मंत्रियों को पीड़ितों के इलाज की निगरानी का जिम्मा सौंपा है और आम जनता व डॉक्टरों से भी प्रशासन को सहयोग देने की अपील की है ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित राहत मिल सके। मुख्य विपक्षी दल एआईडीएमके ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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