रिश्तों में कड़वाहट से बचें: विकास दिव्यकीर्ति सर की 3 अनमोल सलाह

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रिश्तों में कड़वाहट से बचें: विकास दिव्यकीर्ति सर की 3 अनमोल सलाह
Vikas Divyakirti सर की सलाह, 'झगड़े के दौरान इन 3 बातों का भूलकर भी न करें जिक्र' | Relationship Tips Vikas Divyakirti Sir tips never say these things to your partner in fight hindi

रिश्तों की अनकही बातें: विकास दिव्यकीर्ति से जानें, झगड़े में कब जाएं चुप!
नई दिल्ली: प्यार भरे रिश्तों में नोक-झोंक और मतभेद होना आम बात है। अक्सर छोटी-मोटी तकरारें ही मनमुटाव की बड़ी वजह बन जाती हैं। ऐसे में, प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति की सलाह बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। उनका कहना है कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए, कुछ बातें झगड़े के दौरान अपने पार्टनर से कभी नहीं कहनी चाहिए। ऐसी बातें रिश्तों में कड़वाहट घोल सकती हैं और कभी-कभी तो रिश्ता टूटने का कारण भी बन सकती हैं।

विकास दिव्यकीर्ति बताते हैं कि अगर तकरार को सही ढंग से संभाला न जाए, तो संबंध टूटने की कगार पर पहुंच सकते हैं। रिश्ता कितना मजबूत है, यह अक्सर इस बात पर निर्भर करता है कि मुश्किल वक्त में आप कैसा व्यवहार करते हैं।

विकास दिव्यकीर्ति के संतुलन भरे सुझाव

  • शब्दों का चयन है अहम: दिव्यकीर्ति के अनुसार, रिश्ते की सेहत काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आप झगड़ों के दौरान क्या बोलते हैं और किन बातों से परहेज़ करते हैं।
  • गुस्से में कही बात, साल भर की कड़वाहट: वे कहते हैं कि अक्सर एक छोटी सी बात बहस का बड़ा रूप ले लेती है, क्योंकि लोग गुस्से में ऐसी बातें कह जाते हैं जो सालों तक याद रहती हैं।
  • अतीत को न छेड़ें: उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण सलाह दी है कि झगड़े के दौरान कभी भी अतीत की बातें न छेड़ें। रिश्ते में गलती दोनों तरफ से होती है, लेकिन पुराने मुद्दों को बार-बार दोहराने से झगड़ा और गहरा हो जाता है।
  • वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करें: जब वर्तमान विवाद में बीती गलतियों को घसीटा जाता है, तो सुलह की संभावना कम हो जाती है और रिश्ते में दूरी बढ़ने लगती है। इसलिए, गुस्से के दौरान भी अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना बेहद ज़रूरी है।

परिवार या तीसरे व्यक्ति को न बनाएं निशाना

विकास दिव्यकीर्ति ने यह भी कहा कि किसी भी झगड़े में परिवार या तीसरे व्यक्ति को शामिल न करें। खासकर माता-पिता, भाई-बहन या किसी एक्स का नाम बहस में लाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इस तरह बोले गए शब्द मन में चुभ जाते हैं और लंबे समय तक रिश्ते में तनाव पैदा करते हैं। इसलिए, किसी भी विवाद को हमेशा वर्तमान तक सीमित रखें और समाधान को आपस में ही खोजें।

स्वस्थ रिश्ते की नींव समझ, सम्मान और संवाद पर टिकती है। अगर इसे निभाने वाले लोग यह सीख लें कि कब चुप रहना है और कब बात को शांति से हल करना है, तो कई झगड़े खुद-ब-खुद खत्म हो जाते हैं।


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