आज के दौर में भले ही महिलाएं अपनी इंटिमेट हाइजीन को लेकर काफी जागरूक हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी पर्सनल हाइजीन से जुड़े कुछ ऐसे सवाल हैं, जिन्हें लेकर उनके मन में अक्सर असमंजस बना रहता है। कई महिलाएं इंटिमेट एरिया को साफ रखने और बैक्टीरिया से छुटकारा पाने के लिए इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, आज बाजार में कई तरह के फेमिनिन वॉश उपलब्ध हैं, पर सवाल यह है कि क्या वजाइना को साफ रखने के लिए इनका रोजाना इस्तेमाल करना सही है या गलत? आइए, आज इस आर्टिकल के जरिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या महिलाओं के लिए सही है रोजाना Intimate Wash का इस्तेमाल
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर महिला के लिए इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल करना कतई जरूरी नहीं है। दरअसल, वजाइना एक सेल्फ-क्लीनिंग ऑर्गन है, यानी यह खुद को खुद ही साफ करने में सक्षम होती है। वजाइना में गुड बैक्टीरिया मौजूद होते हैं और साथ ही हल्का पारदर्शी डिस्चार्ज भी होता है, जो इसके पीएच बैलेंस को बनाए रखने और इसे प्राकृतिक रूप से साफ रखने में पूरी मदद करता है।
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इसलिए, वजाइना के अंदर किसी भी तरह के साबुन, वॉश या क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। साफ-सफाई के नाम पर केवल वजाइना के बाहरी हिस्से यानी वल्वा की ही सफाई करनी चाहिए। इसके लिए केवल सामान्य या गुनगुना पानी ही काफी है। अगर जरूरत महसूस हो, तो वल्वा पर बहुत हल्के और खुशबू रहित साबुन या क्लींजर का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन यह हमेशा ध्यान रखें कि इसका इस्तेमाल कभी भी वजाइना के अंदर नहीं होना चाहिए।
इंटिमेट वॉश के रोजाना इस्तेमाल से होने वाली समस्याएं
यह जरूरी नहीं है कि वजाइनल वॉश के इस्तेमाल से हर महिला को परेशानी हो या सभी इंटिमेट वॉश का असर एक जैसा ही हो। लेकिन, खुशबूदार और केमिकल युक्त इंटिमेट वॉश कई तरह की मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। जरूरत से ज्यादा सफाई करने पर बाहरी स्किन भी रूखी हो सकती है। रोजाना वजाइना वॉश का इस्तेमाल करने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
खुजली और जलन होना
कुछ इंटिमेट वॉश के इस्तेमाल से वजाइना की बेहद संवेदनशील त्वचा में गंभीर इरिटेशन हो सकती है।
पीएच बैलेंस पर हो सकता है असर
जरूरत से ज्यादा क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का उपयोग वजाइना के नेचुरल पीएच बैलेंस को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।
स्किन में रूखापन
बार-बार क्लींजर या साबुन के इस्तेमाल से त्वचा की प्राकृतिक नमी छिन सकती है।
इंफेक्शन का जोखिम
प्राइवेट पार्ट का अपना एक प्राकृतिक माइक्रोबायोम होता है, जो गुड बैक्टीरिया से मिलकर बनता है। अत्यधिक इंटिमेट वॉश के उपयोग से ये गुड बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं और इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
महिलाएं ऐसे करें प्राइवेट पार्ट की सफाई
* वजाइना के बाहरी हिस्से को हमेशा धीरे-धीरे साफ पानी से ही धोएं।
* किसी भी क्लीनिंग प्रोडक्ट से इंटिमेट एरिया के अंदरूनी हिस्से की सफाई बिल्कुल न करें, इस पूरी प्रक्रिया को डूशिंग कहा जाता है।
* ऐसे स्प्रे, खुशबूदार साबुन और प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें जिनसे त्वचा में जलन पैदा होती हो।
* रोजाना अपनी पैंटी बदलें और हमेशा आरामदायक कॉटन की पैंटी ही पहनें।
* पीरियड्स के दिनों में हाइजीन का खास ख्याल रखते हुए हर 3 से 4 घंटे के अंतराल पर पैड जरूर बदलें।
* अगर आपको लगातार प्राइवेट पार्ट में जलन, खुजली, असामान्य डिस्चार्ज, दर्द या तेज बदबू महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें। इस तरह के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज न करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की आधिकारिक सलाह के रूप में न लें। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या लक्षण महसूस होने पर हमेशा अपने डॉक्टर से ही परामर्श करें।
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