नवरात्रि का पावन अवसर: गृह प्रवेश के लिए शुभ घड़ी और वास्तु के अनमोल नियम
22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है, जो 2 अक्टूबर को विजयदशमी के शुभ दिन संपन्न होगी। नवरात्रि का चौथा दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप, मां कूष्मांडा को समर्पित है। जो लोग इस पावन अवधि में अपने नए घर में प्रवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह लेख विशेष रूप से उपयोगी है। क्या नवरात्रि में गृह प्रवेश करना उचित है? जी हाँ, नवरात्रि में गृह प्रवेश अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। यही कारण है कि लोग नए या पुराने घर में प्रवेश के लिए इन शुभ दिनों का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, और नवरात्रि को गृह प्रवेश के लिए सबसे उपयुक्त समय मानते हैं। आइए, गृह प्रवेश से जुड़े वास्तु के महत्वपूर्ण नियमों पर एक नज़र डालें।
नवरात्रि में गृह प्रवेश: एक शुभ संकेत
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि के दौरान गृह प्रवेश करना अत्यधिक शुभ होता है। विशेष रूप से शारदीय नवरात्रि की अष्टमी, नवमी और दशमी तिथियां गृह प्रवेश के लिए बहुत ही अनुकूल मानी जाती हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त का निर्धारण किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर ही करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
हवन का महत्व: सकारात्मक ऊर्जा का संचार
वास्तु शास्त्र यह सिखाता है कि जिस दिन गृह प्रवेश हो, उस दिन घर में अग्नि स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। नए घर में हवन का आयोजन इसी उद्देश्य से किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
प्रवेश का पहला कदम: सुख-सौभाग्य का प्रतीक
वास्तु के अनुसार, घर में प्रवेश करते समय पति-पत्नी को साथ में कदम रखना चाहिए। गृह प्रवेश के दौरान दाहिने पैर से घर में प्रवेश करने से परिवार में सुख और सौभाग्य की वृद्धि होती है। धार्मिक मान्यता है कि नए घर में दाहिने पैर से प्रवेश करने से शुभता और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
मुख्य द्वार पर शुभ चिन्ह: लक्ष्मी और कुबेर का आगमन
वास्तु के अनुसार, गृह प्रवेश के दिन घर के मुख्य द्वार पर ‘ॐ’ और ‘स्वस्तिक’ का निशान बनाना अत्यंत शुभ होता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता भगवान कुबेर का घर पर वास होता है।
दूध उबालना: घर में बरकत का रहस्य
वास्तु शास्त्र में गृह प्रवेश के दिन घर में दूध उबालना एक अत्यंत शुभ कार्य माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में निरंतर बरकत बनी रहती है।
गृह प्रवेश से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण नियम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नए घर में पूजा-पाठ के बाद परिवार के सदस्यों को पहली रात वहीं सोकर बिताना चाहिए। घर में प्रवेश करने के बाद कम से कम एक महीने तक उसे खाली नहीं छोड़ना चाहिए।
मुख्य द्वार पर ‘तोरण’ का श्रृंगार
गृह प्रवेश के अवसर पर घर के मुख्य द्वार को आम के पत्तों और गेंदे के फूलों से बने ‘तोरण’ से सजाना चाहिए। इसके साथ ही, मां लक्ष्मी के पद चिन्हों की रंगोली बनाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
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