विनायक चतुर्थी: विघ्नहर्ता गणेश को समर्पित, खुशहाली का पर्व
हिंदू धर्म में व्रत, तिथि और त्योहारों का विशेष महत्व है। इसी कड़ी में, हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाने वाली विनायक चतुर्थी का हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह पावन तिथि विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित है, जो सभी बाधाओं को दूर करने वाले माने जाते हैं। इस वर्ष, पंचांग के अनुसार, विनायक चतुर्थी 24 नवंबर को मनाई जाएगी। इस शुभ दिन पर, विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि रात के समय दीपक से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
दीपक के सिद्ध उपाय, जीवन की बाधाओं को करें दूर
1. घी का दीपक और दूर्वा: दरिद्रता नाश और धन आगमन
विनायक चतुर्थी की पूजा सम्पन्न होने के उपरांत या रात्रि शयन से पूर्व, एक मिट्टी के दीपक में शुद्ध गाय का घी भरें और उसमें चार लौंग डालकर प्रज्वलित करें। इस उपाय से दरिद्रता का नाश होता है और धन प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त होते हैं। दीपक जलाते समय, भगवान गणेश के चरणों में 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करें और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
2. पीपल के नीचे आटे का दीपक: राहु-शनि दोष मुक्ति और ऋण निवारण
इस विशेष दिन की शाम को, एक आटे का दीपक तैयार करें। इसमें सरसों का तेल या तिल का तेल भरें और इसे पीपल के वृक्ष के नीचे प्रज्वलित करें। ऐसा करने से राहु और शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। यदि आप लंबे समय से किसी रोग या कर्ज से ग्रसित हैं, तो इस उपाय को करने से आपकी धन संबंधी सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
3. घर के मुख्य द्वार पर दीपक: सकारात्मक ऊर्जा का संचार
विनायक चतुर्थी की रात्रि में, घर के मुख्य द्वार पर, घर के अंदर की ओर मुख करके दो मुखी दीपक जलाएं। इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और नकारात्मक शक्तियों का निवारण होता है।
4. अखंड दीपक: निरंतर कृपा प्राप्ति का मार्ग
यदि आप जीवन में बार-बार बाधाओं का अनुभव कर रहे हैं, तो विनायक चतुर्थी की पूजा के अवसर पर, शुद्ध घी का एक अखंड दीपक गणेश जी के समक्ष जलाएं। दीपक प्रज्वलित करते समय, गणेश जी के मंत्रों का निरंतर जाप करें। ऐसी मान्यता है कि यह उपाय भगवान गणेश जी की असीम कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है।
पूजा के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान:
- दीपक को सदैव एक स्वच्छ स्थान पर ही स्थापित करें।
- दीपक प्रज्वलित करने से पूर्व और उपरांत, भगवान गणेश का स्मरण करें और अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करें।
- इस विशेष पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है, क्योंकि भगवान गणेश को तुलसी अर्पित नहीं की जाती है।
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